जम्मू कश्मीर: सेल्फी प्वाइंट बना सिद्दड़ा मुठभेड़ में जला ट्रक, दूसरे दिन वाहनों की आवाजाही बनी रही सामान्य

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सिद्दड़ा मुठभेड़ में जला ट्रक के पास सेल्फी लेते युवक

सिद्दड़ा मुठभेड़ में जला ट्रक के पास सेल्फी लेते युवक
– फोटो : अमर उजाला

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सिद्दड़ा मुठभेड़ में राख हुए ट्रक के साथ लोग अब सेल्फी ले रहे हैं। वहीं, वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ से रूटीन की तरह चल रही है। यह सब देखकर लग नहीं रहा था कि एक दिन पहले इसी जगह आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई हो।

वीरवार को अमर उजाला की टीम एक बार फिर से मुठभेड़ स्थल पर पहुंची, ताकि मौके की स्थिति देखी जाए। वीरवार को सिद्दड़ा पुल से गुजरने वाले अधिकतर लोगों का ध्यान सड़क किनारे खड़े ट्रक पर जा रहा था। दरअसल, पूरे देश से कश्मीर आने जाने वाले 90 फीसदी लोग सिद्दड़ा की तरफ से होकर आते जाते हैं।

इस वजह से यहां हर समय चहल पहल रहती है। यहां आतंकियों से मुठभेड़ के बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी थी, इसलिए वीरवार को उनकी नजरें उक्त ट्रक को ढूंढ रही थी। फिर दिखाई पड़ते ही उसकी तस्वीर खिंचने या उसके साथ सेल्फी लेने में व्यस्त हो जाते।

नगरोटा इलाके में काम करने वाले मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के तीन युवक भी ट्रक के पास आकर तस्वीरें लेने लगे। बात करने पर उन्होंने बताया कि वह सिर्फ ट्रक को देखने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि टीवी पर सिद्दड़ा में आतंकियों के मारे जाने की खबर देखी थी।  

भूसे को बिखराते रहे बंदर

जिस भूसे को पुलिस ने बम निरोधक दस्ते के साथ पूूरी तरह जांचने के बाद सड़क और ट्रक से हटाया, उस पर वीरवार को दिनभर बंदर उत्पात मचाते रहे। कभी दौड़ लगाते तो कभी कुछ खाने की तलाश में भूसे को बिखेरते।   

किसी ट्रक के चोरी होने की सूचना नहीं

ट्रक यूनियन के प्रधान मनमोहन सिंह ने कहा कि फिलहाल उनके पास पिछले कई दिनों से जम्मू संभाग से किसी ट्रक के चोरी होने की सूचना नहीं है। अब ट्रकों की बिक्री तो होती रहती है। क्या पता कहां से खरीदा गया हो। मनमोहन का कहना है कि यदि चेसी नंबर, इंजन नंबर, नंबर प्लेट गायब हों तो भी कुछ पार्ट होते हैं, जिससे निर्माण कहां से हुआ उसका पता चल जाता है। 

नंबर से ही पहचान होगी ट्रक की : आरटीओ पंकज कुमार का कहना है कि इंजन नंबर, चेसी नंबर और नंबर प्लेट हो तो ही वाहन के बारे जानकारी मिलती है। ऐसे जानकारी नहीं मिल सकती।

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सिद्दड़ा मुठभेड़ में राख हुए ट्रक के साथ लोग अब सेल्फी ले रहे हैं। वहीं, वाहनों की आवाजाही दोनों तरफ से रूटीन की तरह चल रही है। यह सब देखकर लग नहीं रहा था कि एक दिन पहले इसी जगह आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई हो।

वीरवार को अमर उजाला की टीम एक बार फिर से मुठभेड़ स्थल पर पहुंची, ताकि मौके की स्थिति देखी जाए। वीरवार को सिद्दड़ा पुल से गुजरने वाले अधिकतर लोगों का ध्यान सड़क किनारे खड़े ट्रक पर जा रहा था। दरअसल, पूरे देश से कश्मीर आने जाने वाले 90 फीसदी लोग सिद्दड़ा की तरफ से होकर आते जाते हैं।

इस वजह से यहां हर समय चहल पहल रहती है। यहां आतंकियों से मुठभेड़ के बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी थी, इसलिए वीरवार को उनकी नजरें उक्त ट्रक को ढूंढ रही थी। फिर दिखाई पड़ते ही उसकी तस्वीर खिंचने या उसके साथ सेल्फी लेने में व्यस्त हो जाते।

नगरोटा इलाके में काम करने वाले मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के तीन युवक भी ट्रक के पास आकर तस्वीरें लेने लगे। बात करने पर उन्होंने बताया कि वह सिर्फ ट्रक को देखने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि टीवी पर सिद्दड़ा में आतंकियों के मारे जाने की खबर देखी थी।  

भूसे को बिखराते रहे बंदर

जिस भूसे को पुलिस ने बम निरोधक दस्ते के साथ पूूरी तरह जांचने के बाद सड़क और ट्रक से हटाया, उस पर वीरवार को दिनभर बंदर उत्पात मचाते रहे। कभी दौड़ लगाते तो कभी कुछ खाने की तलाश में भूसे को बिखेरते।   

किसी ट्रक के चोरी होने की सूचना नहीं

ट्रक यूनियन के प्रधान मनमोहन सिंह ने कहा कि फिलहाल उनके पास पिछले कई दिनों से जम्मू संभाग से किसी ट्रक के चोरी होने की सूचना नहीं है। अब ट्रकों की बिक्री तो होती रहती है। क्या पता कहां से खरीदा गया हो। मनमोहन का कहना है कि यदि चेसी नंबर, इंजन नंबर, नंबर प्लेट गायब हों तो भी कुछ पार्ट होते हैं, जिससे निर्माण कहां से हुआ उसका पता चल जाता है। 

नंबर से ही पहचान होगी ट्रक की : आरटीओ पंकज कुमार का कहना है कि इंजन नंबर, चेसी नंबर और नंबर प्लेट हो तो ही वाहन के बारे जानकारी मिलती है। ऐसे जानकारी नहीं मिल सकती।



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