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इसके साथ ही जलते खाकी निकर पर कैप्शन लिखा गया है, ” विदा होने में अब 145 दिन रह गए हैं.”
To free the country from shackles of hate and undo the damage done by BJP-RSS.
Step by step, we will reach our goal.#BharatJodoYatra 🇮🇳 pic.twitter.com/MuoDZuCHJ2
— Congress (@INCIndia) September 12, 2022
कांग्रेस के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देने वालों में बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या सबसे आगे रहे, जिन्होंने कहा कि यह ट्वीट कांग्रेस का “पारिस्थितिकी तंत्र” दर्शाता है.
सूर्या ने उसी ट्वीट पर जवाब दिया, “यह तस्वीर कांग्रेस की देश में आग जलाने की राजनीति का प्रतीक है.. अतीत में उन्होंने जो आग लगाई है, उसने भारत के अधिकांश हिस्सों को जला दिया है.. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बचा खुचा शेष भी जल्द ही जलकर राख हो जाएगा.”
सूर्या ने लिखा, “कांग्रेस की आग ने 1984 में दिल्ली को जला दिया.. इसके पारिस्थितिकी तंत्र ने 2002 में गोधरा में 59 कारसेवकों को जिंदा जला दिया.. उन्होंने फिर से अपने पारिस्थितिकी तंत्र को हिंसा करने का आह्वान दिया है. ‘भारतीय राज्यों के खिलाफ लड़ने’ के साथ, राहुल गांधी की कांग्रेस अब संविधान में विश्वास करने वाली राजनीतिक पार्टी नहीं रह गई है.”
Congress fire burnt Delhi in 1984.
It’s ecosystem burnt alive 59 karsevaks in Godhra in 2002.
They have again given their ecosystem a call for violence.
With Rahul Gandhi ‘fighting against Indian State’, Congress ceases to be political party with faith in constitutional means. https://t.co/28qbFvKkbI
— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) September 12, 2022
इधर, कांग्रेस ने अपने ट्वीट का बचाव किया है और कहा कि भाजपा और आरएसएस कांग्रेस को आक्रामक कहने की कोशिश न करे. यह हमारी आदत नहीं है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा, “नफरत की आग जलाने वालों, कट्टरता और पूर्वाग्रह की आग जलाने वालों को कुछ चीजों को उसी सिक्के के रूप में वापस लेने के लिए तैयार रहना चाहिए.”
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जयराम रमेश ने कहा, “अगर मैं उस तरीके की गणना करूं, जिसमें भाजपा और उसके साथियों ने नफरत, पूर्वाग्रह, झूठ और झूठ को हवा दी है… आरएसएस और भाजपा की तरह कांग्रेस को आक्रामक प्रतिक्रिया देने की आदत नहीं है लेकिन जब कांग्रेस आक्रामक हो जाती है, तो वे पीछे हट जाते हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा है कि राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह ही अपनी राष्ट्रव्यापी “भारत जोड़ो यात्रा” शुरू की है और उनके अभियान का उद्देश्य नफरत की विचारधारा से विभाजित राष्ट्र को एकजुट करना है.
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