[ad_1]

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली:
केंद्र सरकार के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है. ये कार्रवाई प्रदर्शन, हाजिरी और अनुशासनात्मक मामलों को लेकर की जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार 2021-22 में अब तक 104 कर्मचारियों को या तो हटाया गया या बर्खास्त किया गया या फिर जबरन रिटायर कर दिया गया है. इनमें ग्रुप ए के सबसे अधिक 45 कर्मचारी हैं.
यह भी पढ़ें
ग्रुप बी के 30 और ग्रुप सी के 29 कर्मचारियों की छुट्टी दी गई है. हटाए गए कर्मचारियों में एम्स दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर और पटना के कर्मचारी शामिल हैं.
गौरतलब है कि लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के साथ नए लोगों को नियुक्त करने का सिलसिला जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 10 लाख कर्मियों के लिए नियुक्ति अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान को रोजगार मेले का नाम दिया गया है. अभियान के तहत प्रधानमंत्री 75,000 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौप चुके हैं.
इस संबंध में पीएमओ ने कहा था कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने और नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करने की प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा. प्रधानमंत्री ने इसी साल जून महीने में सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व विभागों को निर्देश दिया था कि वे मिशन मोड से 10 लाख पदों पर भर्तियां करें.
यह भी पढ़ें –
— VIDEO: अखबार पढ़ते-पढ़ते गिरा राजस्थान का कारोबारी, मौके पर मौत
— अफ्रीका से लाए गए 2 चीतों ने कूनो नेशनल पार्क में किया अपना पहला शिकार
Featured Video Of The Day
राजस्थान : जब अख़बार पढ़ते-पढ़ते लुढ़क गया व्यवसायी, हुई मौत
[ad_2]
Source link