पुलिस मान रही दुर्घटना: पिता की मौत का केस दर्ज करने की अर्जी लेकर बेटा भटक रहा गली-गली, नहीं हो रही सुनवाई

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Son wandering with an application to file a case of father death

मृतक मनौवर की बेटी सायदा व बेटा अली खान।संवाद

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महराजगंज जिले में श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के सियरहिभार गांव के मनौवर की मौत मामले में झोल है। पुलिस की कहानी और मृतक के बेटे की कहानी में बहुत अंतर है। अली का आरोप है कि थाने में तहरीर नहीं ली गई। वहां से घर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देने पहुंचा तो सोमवार को कार्यालय में बुलाया गया। अर्जी लेकर अली गली-गली भटक रहे हैं। उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। मनौवर की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत होने की बात बताई गई है। हैरत की बात है कि पुलिस इस प्रकरण को लेकर गंभीर नहीं है। अब तक इस प्रकरण कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

मनौवर की दूसरी पत्नी के बेटे अली खान ने बताया कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर पिता मनौवर को जान से मार दिया गया। ट्रैक्टर से कुचल डाला गया। मरते समय पिता ने घटना काे अंजाम देने वालों का नाम भी बताया था। अली कहते हैं कि बार-बार थाने पर अनुरोध किया, लेकिन किसी ने समस्या नहीं सुनी। बताया कि हत्या को पुलिस दुर्घटना करार दे रही है।

अली का कहना है कि शनिवार रात में पिता को मिट्टी देने के दौरान देर हो गई। रविवार सुबह थाने में तहरीर लेकर पहुंचा तो वहां एक दरोगा जी अपशब्द बोलते हुए कहे कि चले जाओ। बेवजह पुलिस की छवि खराब कर रहे हो। अली ने बताया कि रात में पुलिस जिन लोगों को पूछताछ के लिए ले गई थी। उनको छोड़ दिया।

अली का कहना है कि रविवार सुबह थाने में किसी ने फरियाद नहीं सुनी तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। छुट्टी होने कारण कोई मिला नहीं। यहां एक दरोगा जी मिले तो उन्होंने लौटा दिया। साहब से मिलने भी नहीं दिया गया। बोला गया कि सोमवार को सुबह कार्यालय के समय आइएगा। साहब से अपनी समस्या बताइएगा।

तेज धूप में लंबी दूर तय कर महराजगंज पहुंचे अली ने बताया कि पुलिस आरोपों की जांच करना भी मुनासिब नहीं समझ रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। अली ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले के बारे में जानकारी देने के बाद निश्चित रूप से न्याय मिलने की उम्मीद है। इस आस में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा था।

इस संबंध में श्यामदेउरवा थाना प्रभारी रामाज्ञा सिंह ने कहा कि मामला दुर्घटना का है। आरोपों के बारे में जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस की ओर से कहीं लापरवाही नहीं की जा रही है।

पहले हुई मारपीट में पुलिस ने किया था केस दर्ज

बीते 10 मई 2021 को भी आरोपियों ने मनौवर को मारपीट कर घायल कर दिया था। बीच-बचाव करने आई उनकी बेटी सैयदा को भी मार पीटकर घायल कर दिया गया था। उस वक्त पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सैयदा ने बताया कि शुरू में मारपीट में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया। इससे उनकी ओर से घटना काे अंजाम दिया गया। पुलिस पता नहीं किन कारणों से मामले पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।

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