रूठ कर छोड़ा था घर: भूखा रहा और प्यासा भी…, यूं सड़कों पर बिताए 7 दिन; छात्र को घर ले आई पिता की याद

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Angered by his father student left home on 15 September remembered and came back

पिता के साथ बैठा बेटा
– फोटो : अमर उजाला

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मैनपुरी के मोहल्ला न्यू वंशीगोहरा निवासी छात्र रितिक को पिता की याद बृहस्पतिवार की रात घर खींच लाई। 15 सितंबर को वह डांट से नाराज होकर घर से चला गया था। इसके बाद आगरा और दिल्ली में घूमता रहा। छात्र के सकुशल घर वापस आने के बाद परिजन के चेहरोंं पर खुशी देखी गई।

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला न्यू वंशीगोहरा निवासी लेखपाल प्रदीप सक्सेना का पुत्र रितिक (13) पिता की डांट से नाराज होकर 15 सितंबर को घर से चला गया था। वह घर से कोचिंग जाने की बात कह कर निकला था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा था। तलाश कर हार चुके परिजन ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही पुलिस भी तलाश में जुटी थी। 

बृहस्पतिवार की देर रात रितिक अचानक घर वापस आ गया। पिता प्रदीप ने दरवाजा खोला तो बेटे को सकुशल सामने देख उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। बेटे को गले लगा लिया और बिना कुछ पूछे अंदर ले गए। काफी देर तक दोनों के बीच खामोशी छाई रही। इसके बाद रितिक ने बताया कि वह पहले आगरा और उसके बाद दिल्ली चला गया था। वहां भटकता रहा और फुटपाथ पर रात गुजारी। रितिक के घर वापस आने के बारे में पुलिस को भी सूचना दी गई। शुक्रवार को पुलिस ने पूछताछ की। छात्र ने बताया कि पिता की याद आई तो उसके कदम खुद ही घर की ओर चल पडे़। रितिक के सकुशल घर वापस आने के बाद परिजन के चेहरे पर खुशी देखी गई।

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