शाहबाज और इमरान बढ़ा रहे हैं दोस्ती का हाथ! क्या राजनीतिक एकता से दूर होगी पाकिस्तान की कंगाली

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पाकिस्तान के पीएम शाहबाज की जमकर आलोचना करने वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान का कहना है कि देश के उत्थान के लिए वो किसी से भी बात करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि उनके लिए देश हित ही सर्वोपरि है, इसके लिए किसी से भी बात करने और कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं.  इमरान खान ने बयान ऐसे समय में दिया है जब उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. और उनकी कोर्ट में पेशी भी होने वाली है.

उधर, पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ ने भी कहा है कि देश नाजुक दौर से गुजर रहा है. आर्थिक संकट से उबरने के लिए राजनीतिक एकता बेहद जरूरी है. गौरतलब है कि पीएम शरीफ ने पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान को देश में जारी राजनीतिक और आर्थिक संकट के समाधान के लिए संवाद की पेशकश की थी. जिस पर इमरान ने कहा था कि वो किसी से भी देश हित के लिए बात करने को तैयार है.

गौरतलब है कि इससे पहले इमरान खान पाकिस्तान की कंगाली और खस्ताहाल के लिए शहबाज शरीफ सरकार को ही जिम्मेदार बता रहे थे. उनका आरोप था कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश भिखारी बन गया है और शाहबाज शरीफ भीख का कटोरा लेकर देश-देश की यात्रा कर रहे हैं. जाहिर है पाकिस्तान कंगाल हो चुका है. विश्व बैंक और चीन की मदद की उसकी इकोनॉमी चल रही है. भूख, महंगाई और हिंसा से देश त्रस्त है.  

पाकिस्तान में गृह युद्ध जैसे हालात: एक तरह सियासी जमीन में पाकिस्तान के पीए राजनीतिक दलों को संकट की घड़ी में एक करने की कोशिश में है. तो दूसरी ओर इमरान पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, और इस कारण पाकिस्तान में गृह युद्ध जैसे हालात हो गये हैं. इमरान के घर के बाहर समर्थक बड़ी तादाद में मौजूद हैं. पुलिस और समर्थकों की हिंसक झड़पें भी कई बार हो चुकी है. ऐसे में अगर हालात ऐसे ही रहे तो इसमें कोई शक नहीं की भूख और कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान में गृह युद्ध शुरू हो सकता है.

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