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शुक्र का वक्री होना एक सामान्य घटना है, हालांकि वर्ष 2024 में शुक्र एक बार भी वक्री नहीं हो रहे हैं. शुक्र हमेशा की तरह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते रहेंगे. ज्योतिष में शुक्र सुख, विलासिता, ख़ुशी, प्रेम और घनिष्ठ संबंधों का ग्रह है. शुक्र ग्रह एक स्त्री प्रधान ग्रह है और किसी भी जातक की कुंडली में यह उसकी पत्नी को दर्शाता है. शुक्र मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में नीच अवस्था में होते हैं. ये वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं. यह वैवाहिक सुख, सौंदर्य, रोमांस, भौतिक सुख, प्रेम संबंध और सभी सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह हैं. यदि किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन में सुख-सुविधाओं की प्राप्ति करनी हो तो उसे शुक्र ग्रह की पूजा करनी चाहिए. यदि कुंडली में शुक्र प्रतिकूल स्थिति में मौजूद हैं, तो आपको उन सभी क्षेत्रों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जो शुक्र के आधिपत्य में आते हैं. इसकी वजह से बांझपन की समस्या भी हो सकती है और यह पुरुषों में शुक्राणु का कारक भी होता है, जिसकी वजह से संतान प्राप्ति में भी कई मुश्किलें आती हैं.
उपाय: प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी को पांच लाल फूल चढ़ाएं और आसपास किसी शिव मंदिर में जाएं.
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