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इस साल 15 जून में मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर में लगी आग को लोग भूले भी नहीं थे कि बुधवार शाम एक बार फिर मुखर्जी नगर के पीजी में आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में हहाकार मच गया। इमारत में करीब 35 छात्राएं व अन्य लोग मौजूद थे। आग लगते ही सभी ऊपरी मंजिलों पर फंस गए।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल विभाग की 12 गाड़ियों को भेजा गया। बाद में हालात बिगड़ने पर 11 और गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया। ग्राउंड फ्लोर पर सीढि़यों के पास लगे मीटर से आग लगने के बाद धुंआ ऊपरी मंजिलों पर पहुंचा तो वहां अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबे के बीच वहां भीड़ इकट्ठा हो गई।
दमकल कर्मियों ने पुलिस के साथ मिलकर आग पर काबू पाना शुरू किया। आसपास के एरिया को खाली करा लिया गया। पीसीआर और एंबुलेंस की दर्जनों गाड़ियां वहां पहुंच गई। करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद किसी आग पर काबू पा लिया गया। हादसे में इमारत में फंसी 30 छात्राओं को पहले ही सुरक्षित निकाल गया गया था।
बाद में वहां ऊपर फंसी पांच छात्राओं और एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे को सीढ़ी लगाकर बाहर निकाला। कई छात्राओं ने बाद में सांस लेने में दिक्कत की बात की। बाद में एक छात्रा औँर डेढ़ साल के बच्चे को नजदीकी न्यू लाइफ अस्पताल में भर्ती कराया गया। खबर लिखे जाने तक वहां पर सर्च ऑपरेशन जारी था। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें इमारत में हताहतों की तलाश में जुटी थी। एहतियात के तौर पर वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
आग लगने की सूचना मिलते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मुखर्जी नगर इलाके के पीजी में आग लगने की घटना बेहद दुखद है। जिला प्रशासन और दमकल विभाग को निर्देश दिए हैं कि पीजी में मौजूद बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाले। मैं खुद लगातार इस पर नजर बनाए हुए हूं। दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि उनकी टीम को बुधवार रात करीब 7.46 बजे सूचना मिली कि मुखर्जी नगर एन-ब्लॉक के एक गर्ल्स पीजी में आग लग गई है। सूचना मिलते ही पहले 12 और बाद में 11 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। इमारत ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपर तीन मंजिला थी। छत पर पीजी की रसोई बनी हुई थी।
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