[ad_1]

मृतका अनीता देवी
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अलीगढ़ में अतरौली का सरकारी अस्पताल खुद बीमार है। अतरौली नगर के अवंतीबाई चौराहा स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। वार्ड में भर्ती एक महिला की रात के समय ब्लीडिंग होने से हालत बिगड़ गई, मगर उसे उपचार देने के लिए अस्पताल में डाक्टर ही मौजूद नहीं थे। स्टाफ ने देर रात महिला को अलीगढ़ रेफर कर दिया, जहां पहुंचते-पहुंचते उसने दम तोड़ दिया। वहीं नवजात बच्चे की हालत खराब है, उसका उपचार अलीगढ़ के अस्पताल में चल रहा है।

रात में नहीं रहता कोई डॉक्टर
गांव औरेनी दलपतपुर निवासी गजेंद्र सिंह की शादी 24 वर्षीय अनीता देवी के साथ 22 फरवरी 2022 को हुई थी। गर्भवती होने के बाद अनीता देवी को प्रसव के लिए अतरौली सीएचसी में भर्ती कराया गया । यहां रात करीब 10 बजे अनीता देवी ने बेटे को जन्म दिया। अनीता के देवर राजकुमार ने बताया कि रात करीब 11 बजे ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने नवजात बच्चे की हालत खराब बताई। बच्चे को देखने के लिए उस वक्त अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
स्टाफ ने उसे बच्चे को अलीगढ़ रेफर कर दिया। बच्चे को अलीगढ भर्ती कराकर परिवार के लोग जब सीएचसी पहुंचे, तो वहां महिला को तेज ब्लीडिंग हो रही थी और उसकी लगातार हालत खराब हो रही थी। वहां डाक्टरों को ढूंढा गया, तो पता चला कि रात के समय कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रहता। इससे आनन फानन महिला को लेकर परिजन रात करीब एक बजे अलीगढ़ जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां हालत खराब देख जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते-पहुंचते महिला ने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
[ad_2]
Source link