Pilibhit Tiger Reserve: बाघ को बेहोश समझ उठाने गए वनकर्मी, होश में देख जान बचाकर भागे

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संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

Updated Mon, 02 Oct 2023 03:58 PM IST

Forest department could not catch the tiger in Pilibhit

बासखेड़ा गांव के बाहर जुटी भीड़
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


पीलीभीत के कलीनगर क्षेत्र के बासखेड़ा गांव में आबादी के नजदीक बाग में शनिवार रात घुसे बाघ को वन विभाग रविवार रात तक नहीं पकड़ सका। पहले जाल लगाकर और फिर वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन से उस पर फायर किया। कुछ देर तक कोई हरकत न होने पर वनकर्मियों की टीम बाघ को लाने के लिए आगे बढ़ी तो बाघ घास में बैठा हुंकार भर रहा था। यह देख डर के मारे वन कर्मी भाग खड़े हुए। 

बासखेड़ा गांव में बाघ को पकड़ने के लिए रविवार सुबह से ही वन विभाग ने बाग के चारों ओर जाल लगा दिया था। मवेशी भी डाल दिया लेकिन शाम तक बाघ आसपास भी नहीं फटका।  ट्रेंकुलाइजर डॉट मारने के बाद अफसरों ने बाघ की स्थिति को भांपे बिना रेस्क्यू टीम को उसे उठाने के लिए बाग में भेज दिया। कुछ दूरी पर पहुंचते ही झाड़ियों में बैठे बाघ पर टीम की नजर पड़ी तो उनके होश हो गए और उल्टे भाग खड़े हुए। अंधेरा होने पर अभियान रोक दिया गया। 

आबादी क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने बाघ को रेस्क्यू करने के लिए विभाग ने ऑपरेशन तो शुरू कर दिया, लेकिन धरातल के हालात नहीं परखे गए। बासखेड़ा गांव के बाग में गहरे गड्ढों के साथ बड़ी झाड़ियां उगी थीं। बाघ की मौजूदगी का अंदाजा लगाना टीम के लिए मुश्किल था। जैसे-तैसे रेस्क्यू वाहन को बाग में ले जाया गया। पांच घंटे तक बाघ की लोकेशन पता नहीं चल सकी। 

 

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