लाल चौक: कभी प्रदर्शनों से था नाता, अब सांस्कृतिक गतिविधियों का बन रहा साक्षी, देखें महिला योद्धाओं का शौर्य

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कभी विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र रहा श्रीनगर का ऐतिहासिक लाल चौक अब पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का साक्षी बन रहा है। मंगलवार को सीआरपीएफ की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें महिला योद्धाओं ने अपने पराक्रम और शौर्य का प्रदर्शन किया। सीआरपीएफ की बहादुर महिला सैनिकों ने बैंड की धुनों पर करतब दिखा कर पर्यटकों और स्थानीय लोगों का मन मोहा।



लाल चौक अब सांस्कृतिक गतिविधियों के चलते ओपन एयर थियेटर का रूप ले चुका है। कार्यक्रम के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मोटरसाइकिल एक्सपीडिशन के तहत बाइक रैली को रवाना किया। रैली में शामिल 50 महिला बाइकर्स कश्मीर से गुजरात के केवडिया के लिए रवाना हुईं। यह रैली 40 जिलों को पार करते हुए 2134 किमी से अधिक की दूरी तय करके 31 अक्तूबर को आधुनिक भारत के एकीकरणकर्ता, पूर्व उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता नगर, गुजरात पहुंचेगी। इस अवसर पर एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि सीआरपीएफ की वीरांगनाओं ने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करते हुए कई कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय बहादुरी, दृढ़ संकल्प और साहस दिखाया है।

 


एलजी ने कहा कि यह बाइक अभियान नारी शक्ति के बलिदान, उनके आत्मविश्वास का भी प्रतीक है और आज वे धैर्य, दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ विभिन्न क्षेत्रों में कई मील के पत्थर हासिल कर रही हैं। नारी शक्ति को सशक्त बनाना और पूर्ण अधिकार देना जम्मू-कश्मीर प्रशासन की प्रतिबद्धता और सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

उन्होंने कहा, हमारी बेटियां एक आकांक्षी समाज के सपनों को पूरा करने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता की इबारत लिख रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नारी शक्ति जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश की विकासात्मक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और वे विकसित भारत के लिए भी बहुत बड़ा योगदान दे रही हैं। नारी शक्ति ही भविष्य में मानवीय गरिमा और सामाजिक समानता सुनिश्चित करेगी।


महिला जवानों ने किया आत्मरक्षा के तरीकों का प्रदर्शन

सीआरपीएफ की महिला जवानों ने घंटाघर के समक्ष आमने-सामने की लड़ाई में आत्मरक्षा की तकनीकों का प्रदर्शन किया। सीआरपीएफ महानिरीक्षक श्रीनगर सेक्टर अजय यादव ने बताया कि सेना में युवतियों को मौके देना अच्छी बात है। वे बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण का एक बड़ा उदाहरण है। कश्मीर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। यह नया कश्मीर है, बदलता कश्मीर, शांतिपूर्ण कश्मीर है। इसमें कोई संदेह नहीं है, यह एक नए युग का प्रारंभ की एक नई शुरुआत है।

 


कश्मीर घूमने आए पर्यटकों का कहना है कि लाल चौक पर तिरंगा लहराते देखना काफी यादगार क्षण है, जहां कभी राष्ट्र विरोधी प्रदर्शन और रैलियां हुआ करती थीं। पर्यटक राकेश कुमार ने कहा कि वह यहां घूमने आए थे और सोचा था कि एक फोटो घंटा घर के सामने खींचेंगे, लेकिन यहां पर सीआरपीएफ की टुकड़ियों के रंगारंग प्रदर्शन को देख कर एहसास हुआ कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।


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