Surya Gochar 2022: सूर्य के राशि परिवर्तन से इन 5 राशि वालों की चमक जाएगी किस्मत, इन्हें रहना होगा सतर्क

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को ग्रहों का मंत्री पद दिया गया है. सूर्य 16 नवंबर दिन बुधवार को गोचर करने जा रहे है. सूर्य वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे. सूर्य क्षत्रिय जाति से है. इनका रंग लाल है. यह सिंह राशि का नेतृत्व करते है. इनका वाहन सात घोड़े से खीचने वाला है. रथ इनका वाहन है. वेदों में सूर्य को अनेक नाम से जाना जाता है. जैसे दिनकर, भास्कर, दिवाकर भानु, प्रभाकर, मार्तण्ड स्वभाव काफी उग्र है. इनका तत्व अग्नि है. सूर्य पुरुष प्रधान ग्रह है. पूर्व दिशा के स्वामी है. सूर्य एक राशि में 30 दिन तक निवास करते है. कुंडली में अपने स्थान में बहुत ही बलशाली होते है.

सूर्य कब करेंगे गोचर

सूर्य का उच्च राशि मेष है तथा नीच राशि तुला है. इनका दिन रविवार है. कुंडली में इनका स्थान पंचम भाव रहता है. कुंडली में सूर्य अगर उच्च के है तो यशस्वी होते है तथा बहुत ही विद्वान होते है. नशे के दुर रहते है.उच्च पदाधिकारी होते है .लम्बा कद रहता है .इनका क्रोध क्षणिक रहता है .शारीर पर इनका प्रभाव छाती तथा हड्डी को प्राभवित करता है.इनका रत्न माणिक है .सूर्य अगर कुंडली में अशुभ घर में है आपको आँख से सम्बंधित समस्या बनेगा .स्कीन सम्बंधित समस्या बन जाता है. सूर्य 16 नवम्बर 2022 दिन बुधवार समय शाम 06 बजकर 58 मिनट पर वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे. आइए जानते है सूर्य के गोचर से क्या बारह राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा .

जानें किन राशियों पर पड़ेगा सूर्य गोचर का प्रभाव

मेष– इस राशि में पाचवें भाव के स्वामी है. यह आठवें भाव में गोचर करेंगे. जिससे आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरुत है. आंख में परेशानी बढ़ेगी. हड्डी तथा हृद्द्य से संबंधित समस्या होगा. आय ठीक रहेगा. धन का वृद्धि होगा.

वृषभ- सूर्य इस राशि के चौथे भाव के स्वामी है. यह सातवें भाव में गोचर करेंगे. जिसे आपका व्यापार ठीक रहेगा. कर्म उच्च का रहेगा. दाम्पत्य जीवन में क्लेश बनेगा. आप अपने क्रोध पर नियंत्रण करें. छाती में समस्या बनेगा.

मिथुन– इस राशि में तीसरे भाव के स्वामी है. यह छठे भाव में गोचर करेंगे. शत्रुता बढ़ जाएगी. रोग में कमी रहेगा. कही पर बात करते समय अपने वाणी पर नियंत्रण करें. सातवी दृष्टि बारहवें भाव पड़ेगा. जिसे कोर्ट कचहरी के कार्य में हानि होगा. जो लोग विदेशी कंपनी में काम कर रहे है उनके लिए फायदेमंद रहेगा.

कर्क- इस राशि में दुसरे भाव के स्वामी है यह पाचवे भाव में गोचर करेगे जिसे विधार्थियों के लिए यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा .आपका तेज बुधि होगी .शिक्षा में उच्च .अस्मरण शक्ति बहुत तेज होगा.आपके प्रेम जीवन में अनबन बना रहेगा .सातवी दिर्ष्टि एकादश भाव पर बनेगा जिसे आय ठीक रहेगा वह भी इमानदारी से .

सिह- इस राशि में प्रथम भाव यानि केंद्र का भाव के स्वामी है और यह चौथे भाव में गोचर करेंगे. आप भौतिक सुख भरपूर बनेगा. आपकी विख्यात होंगे. आपकी छवि बरकरार रहेगी. यहां से सप्तम द्ष्टि दसम भाव पर पड़ेगा. जिसे पिता के साथ संबंध ठीक रहेगा. आपका व्यापार ठीक चलेगा. सरकारी तथा गैर सरकारी कार्य में सफलता मिलेगी. माता के स्वास्थ्य प्रभावित होगा. आप शांत रहे तथा माता के ऊपर ख्याल रखें.

कन्या- इस राशि में बारह भाव यानि व्यय भाव के स्वामी है. यह तीसरे भाव में गोचर करेंगे. जिसे यस की प्राप्ति होगी. भाई -बहनों के साथ समय बढ़िया निकलेगा. साहसी रहेंगे तथा दूसरे के सहायता करने में समय निकलेगा. लम्बी दूरी की यात्रा बनेगा. धार्मिक रहेंगे. विदेशी कंपनी में जो लोग कार्यरत है उनके लिए उत्तम समय रहेगा.

तुला– इस राशि में ग्यारह भाव यानि लाभ भाव के स्वामी है और यह दूसरे भाव में गोचर करेंगे. धन की बचत होगा. वाणी कड़क रहेगा. कुटुम्ब से झगड़ा -झंझट बनेगा. बैंकिंग क्षेत्र में जो लोग कार्य कर रहे है उनके लिए फायदेमंद रहेगा यहाँ से सप्तम दिर्ष्टि आठवे भाव पर पड़ेगा जिसे स्वास्थ्य ठीक रहेगा .

वृश्चिक- इस राशि में दसवें भाव के स्वामी है और यह पहले भाव में गोचर करेंगे. आप काफी मसहूर होंगे. आपकी इच्छा शक्ति बढ़ जाएगी. व्यापार ठीक चलेगा. मान -सम्मान तथा पद में वृद्धि होगी. पुरानी बीमारी दूर होंगे. जो लोग सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे है उनको सफलता मिलेगा . यहां से सप्तम दृष्टि से आपके दाम्पत्य जीवन में उतार -चढ़ाव बना रहेगा.

धनु- इस राशि में नवम भाव के स्वामी है और यह बारह भाव में गोचर करेंगे. आपके लिए यह गोचर शुभ नहीं रहेगा. मानसिक विकार, नेत्र रोग, कोर्ट -कचहरी के कार्य में फायदे होंगे. रोजगार के लिए जन्म स्थान से बाहर जाना पड़ सकता है. जो लोग विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे है उनके लिए उतम समय रहेगा. सातवी दृष्टि से सूर्य छठे भाव को देखेगा इसलिए स्वास्थ्य में परेशानी बनेगा.

मकर- इस राशि में अष्टम भाव के स्वामी है और यह ग्यारह भाव में गोचर करेंगे, जिसे आपको उत्तम लाभ मिलेगा. आय के स्त्रोत बढ़ेंगे. आपके व्यापार में अचानक से लाभ बढ़ जायेगा. सप्तम दिर्ष्टि सेपंचम भाव पर पड़ रहा है, जिसे संतान का सुख, आपके संतान अच्छे मुकाम पर काम करेंगे. प्रेम जीवन में थोड़ा परेशानी बनेगा.

कुम्भ- इस राशि में सप्तम भाव के स्वामी है और यह दसम भाव में गोचर करेंगे. धन की बचत होगी. आय ठीक रहेगा. जो लोग नौकरी कर रहे है उनको प्रमोसन का समय है. आपके कार्य को सराहा जायेगा. दूसरे के बात पर ध्यान नहीं दे. अपने से अहंकार निकल दें. सप्तम दृष्टि से चौथे भाव पर है. जिसे माता का सुख भरपूर बना रहेगा. अपने वाणी पर नियंत्रण करें.

मीन- इस राशि में छठे भाव के स्वामी है और यह नवम भाव में गोचर करेंगे. जिसे आत्मविश्वास भरपुर बना रहेगा. धार्मिक होंगे. आप यस कीर्ति प्राप्त करेंगे. आपका प्रशंसा बना रहेगा. जो लोग विदेश शिक्षा ग्रहण करने का योजना बना रहे है. वह सफल होंगे. सातवा दृष्टि से भाई बहन का मान -सम्मान बना रहेगा. पिता के स्वास्थ्य में उतार -चढ़ाव बना रहेगा.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष ,वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

मो. 8080426594/9545290847

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