मौसम का हाल : दिल्ली में कल से गहरा सकता है सांसों का संकट, ग्रैप के बावजूद एनसीआर में गुरुग्राम सबसे प्रदूषित

[ad_1]

Weather condition: Respiratory problem may deepen in Delhi from tomorrow

demo pic…
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


ग्रैप लागू होने के बावजूद राजधानी में वायु प्रदूषण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 176 दर्ज किया गया, जोकि मध्यम श्रेणी में है। यह अक्तूबर माह में अब तक का सबसे अधिक है। मंगलवार की तुलना में यह एक दिन में ही 21 अंक अधिक बढ़ गया है। जबकि सोमवार को एक्यूआई 146 दर्ज किया गया था। 

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता खराब होने की बड़ी वजह पड़ोसी राज्यों में जलने वाली पराली का धुआं है। इसके साथ ही स्थानीय कारक भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में अगर एक्यूआई 200 के पार पहुंचता है तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेड) का पहला चरण लागू हो जाएगा। 

भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के अनुसार बृहस्पतिवार को हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी रहेगी। वहीं, शुक्रवार से हवा की सेहत बिगड़ने लगेगी। इसमें अनुमान लगाया गया है कि इस दौरान हवा खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। इससे राजधानी में सांसों का संकट शुरू हो सकता है। आईआईटीएम के मुताबिक आने वाले छह दिनों में हवा इसी श्रेणी में रहने का अनुमान है।

बुधवार को हवा की चाल उत्तर-पश्चिम रही और इसकी गति 8 से 16 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। इस दौरान आसमान साफ रहा। वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह हवा की गति 4 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे रहेगी। उत्तर-पश्चिम दिशाओं से हवा चलने से कुहासा (धुंध) होने के आसार हैं। इसी तरह शुक्रवार को सुबह हवा की गति 8-12 किमी प्रति घंटे और धुंध के साथ दिल्ली में प्रमुख सतही हवा उत्तर-पश्चिम दिशाओं से आने की संभावना है।

गुरुग्राम सबसे प्रदूषित 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में गुरुग्राम सबसे प्रदूषित रहा, यहां एक्यूआई 233 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में है। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 220, नोएडा में 185, गाजियाबाद में 180 और फरीदाबाद में 155 दर्ज किया गया।

एक्यूआई 200 के पार गया तो यह लगेंगी पाबंदियां

  • स्टेज-1 (एक्यूआई 201 से 300 के बीच)
  • सड़कों का नियमित तौर पर पानी का छिड़काव।
  • निर्माणाधीन स्थलों पर एंटी स्मॉग गन।
  • निर्माण सामग्री को ले जाने वाले वाहनों को ढकना अनिवार्य।
  • आवाजाही सामान्य रखने को ट्रैफिक पुलिस की जाम प्वाइंट पर तैनाती।
  • जनरेटर चलाने पर बंदिश।
  • खुले में कूड़ा जलाने की इजाजत नहीं।
  • पीयूसी नियमों का सख्ती से पालन।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *