Bihar News : लालू अबतक चुप, मगर मांझी ने राजद विधायक को दे दी सीख; बोले- छोटे दिमाग वाले ऐसी ओछी बात कहते हैं

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Bihar News : Jitan Ram Manjhi targeted Agriculture Minister, said- Sudhakar Singh's mental condition is bad.

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


ओछी और छिछली बात कहने वाले छोटे दिमाग के लोग होते हैं। और वैसे भी नीतीश सरकार में पदाधिकारी पूरी तरह बेलगाम हैं। यह बातें बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने गया में कही। जीतनराम मांझी ने कहा कि जब हम सरकार में नीतीश कुमार के साथ में थे तो वह कहा करते थे कि यहां पदाधिकारी मंत्री, विधायक की बातों को नहीं सुनते हैं सिर्फ आपकी बातों को सुनते हैं। यही कारण है सभी अधिकारी भ्रष्टाचारी और घूसखोर हो गये हैं। अब लोग असहाय महसूस कर रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी के मुंह पर थूक दो, जूता का माला पहना दो। जनमानस के साथ अनशन, आंदोलन आदि होनी चाहिए। पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का दिमागी स्थिति ठीक नहीं है।

सुधाकर सिंह के इस बयान पर बिफरे जीतनराम मांझी 

सुधाकर सिंह ने कैमूर में किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर आप लोग आंदोलन के दौरान अधिकारियों पर लाठी बरसाते हैं और उसका सर फट जाएगा तो आप पर 302 और 307 लग जाएगा, लेकिन 100 लोग मिलकर कलेक्टर के मुंह पर थूक देंगे तो कलेक्टर 100 लोगों पर क्या दफा लगाएगा? फूलों की माला की जगह अधिकारियों को फटे हुए जूते और चप्पलों की माला पहनाइए। अगर कोई अधिकारी बाजार में सब्जी लेने आता है तो उसे अंगूठा दिखाइए। इन सब चीजों से आप लोग के ऊपर किसी भी तरह का कोई धारा नहीं लगेगा।

सुधाकर सिंह का दिमागी स्थिति ठीक नहीं

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जनतंत्र में अलोकतांत्रिक व्यवहार नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना अधिकार है। महात्मा गांधी ने भी लोकतांत्रिक तरीके से देश को आजादी दिलाई थी। उस वक्त किसी के मुंह पर थूकने की बात नहीं आई थी। कई क्रांतियां हुई। यह ओछी और छिछली बात है, इसका उच्चारण करने वाले छोटे दिमाग के लोग हैं। जीतनराम मांझी ने कहा कि मुझे भी मालूम है कि पदाधिकारी बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राज्य में जब हम साथ में थे तो कहा करते थे कि यहाँ पदाधिकारी मंत्री,विधायक की बातों को नहीं सुनते हैं सिर्फ आपकी बातों को सुनाते हैं। यही कारण है सभी भ्रष्टाचारी और घूसखोर है। अब लोग असहाय महसूस कर रहे है। लेकिन इसका मतलब यह नही है की किसी के मुंह पर थूंक दो, जूता का माला पहना दो। जनमानस के साथ अनशन, आंदोलन आदि होनी चाहिए। पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का दिमागी स्थिति ठीक नहीं है।

अब दें हाईकोर्ट को जवाब 

जाति जनगणना पर उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की शैक्षणिक स्थिति  80% है। एससी जाति में 28 से 30 प्रतिशत लोग ही शिक्षित हैं। मांझी ने कहा कि गरीबों की जनसंख्या को कम आंका गया है। उन्होंने कहा कि  SC में पहले भी 3% ही प्रतिशत था और आज भी 3 प्रतिशत ही है?  एससी जाति में दुगुना या तीनगुना बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। वह समझते हैं कि अभी भाजपा से मुसलमान डर रहे हैं और मेरे साथ चल रहे हैं, तो तुष्टिकरण के लिए उन्होंने मुसलमानों के साथ बैठक बुलाई है। अब किसी और जाति के साथ भी बैठक बुलाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जबाब मांगा है कि आखिर जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए किसने कहा और क्यों प्रकाशित की गई।

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