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शारदीय नवरात्र
– फोटो : गूगल
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महिलाओं ने जब अपनी शक्ति दिखाई, तो उन्होंने सफलता की बुलंदी पर जाकर खुद ही अपनी तकदीर लिखी। नवरात्र के अवसर पर अमर उजाला अपने पाठकों को उन ‘शक्तियों’ से परिचित करा रहा है, जिन्होंने राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी ताकत से एक अलग मुकाम बनाया है। समय की बदलती धारा के साथ वह अपने प्रयासों और प्रयत्नों में कहीं पीछे नहीं हैं और हर मोर्चे पर सफलता की कहानियां लिख रही हैं। आज दूसरे दिन पढ़िए ऐसी ही नौ महिलाओं की कहानी, जो समाज में अलग स्थान रखती हैं।
हरिद्वार: अध्यात्म और संस्कार से जोड़ रहीं हैं कंचन प्रभा
विभिन्न सांस्कृतिक मंच तथा कवि गोष्ठियों में कंचन प्रभा गौतम ने अपनी अलग पहचान कायम की है। आज वह न केवल अपने गीतों और काव्य रचनाओं से श्रोताओं की पसंद बन गई हैं, बल्कि महिला कवित्रियों की भी पसंद हैं। अपने यूट्यूब चैनल से जारी किये जाने वाले संस्कार, शिक्षा, अध्यात्म तथा सामाजिक समस्याओं पर उनके प्रेरक वीडियो लोग खूब पसंद करते हैं। 32 वर्ष की आयु में 2014 में एक सड़क हादसे में पति की मौत के बाद कंचन प्रभा अंदर से टूट गईं थीं। उन्होंने खुद को संभाला और अपने आठ वर्ष के बेटे तथा पांच वर्ष की बेटी का पालन-पोषण करते हुए उन्होंने पारिवारिक व सामाजिक सामंजस्य बिठाते हुए यह मुकाम हासिल किया।
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