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प्रदर्शन करते फुटपाथ के दुकानदार
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार में नालंदा फुटपाथ अधिकार मंच के तत्वाधान में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के ब्रह्मकुंड के पास फुटपाथ के दुकानदारों ने जिला प्रशासन और राजगीर के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नालंदा फुटपाथ अधिकार मंच के सदस्य ने कहा कि जिला प्रशासन वादा खिलाफी करने का काम कर रहा है। गोपाल भदानी, उर्मिला देवी ने बताया कि पहले की तरह जब दुकानदार फुटपाथ पर दुकान लगाने जाते हैं तो उन्हें खदेड़ कर भगा दिया जाता है। पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के तहत फुटपाथ दुकानदारों को रोजगार मुहैया कराया जाए। वर्षों से ब्रह्मकुंड परिसर के पास वे लोग दुकान लगाते आ रहे हैं। लेकिन अब उन्हें दुकान लगाने से मना किया जा रहा है।
वादा करके मुकरा गया प्रशासन
फुटपाथ के दुकानदारों का कहना है कि जिला प्रशासन ने उनसे मलमास मेला के पहले यह वादा किया था कि फिलहाल दो महीने के लिए वे लोग पीएचईडी के कैंपस में चले जाएं। वापस आकर ब्रह्मकुंड के परिसर में अपनी-अपनी दुकान को शिफ्ट कर लेना। लेकिन मलमास मेला भी खत्म हो गया। श्रावणी मेला भी खत्म हो गया। इसके बावजूद अब जिला प्रशासन उन लोगों को पूर्व के स्थल पर जाने से रोक रही है। वर्तमान में जिस जगह पर दुकानें लगी हैं। वहां तक ग्राहक और आने वाले टूरिस्ट नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण उन लोगों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
‘राजनीति कर रहे हैं लोग’
राजगीर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मो. जफर इकबाल ने बताया कि कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। सभी फुटपाथियों को पीएचडी कैंपस में वर्तमान में जगह दी गई है। जल्द ही पांडु पोखर के सामने सभी को शिफ्ट किया जाएगा।
इस मौके पर फुटपाथ के दुकानदार संघ के विजय यादव, धर्मेंद्र पासवान, मुकेश पासवान, दीपू राजवंशी, मनोज गुप्ता, नंदकिशोर साव, मुकेश पंडित, सूरज पंडित, मंटू राम, उर्मिला देवी, सोनी देवी, चंचल देवी, सोनमंती देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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