Mathura: पराली प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर दो निलंबित, 34 का वेतन रुका; अब तक 21 हजार क्विंटल पराली एकत्र

[ad_1]

CDO suspended two for negligence in stubble management while salary of 34 has been withheld In Mathura

जल रही पराली।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार


उत्तर प्रदेश के मथुरा में पराली प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने कड़ी कार्रवाई की है। दो टीएसी को निलंबित कर 14 न्याय पंचायत स्तरीय और 20 ग्राम पंचायत स्तरीय नोडल अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोक दिया है।

सीडीओ मनीष मीना ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पराली एकत्रित करने के लिए 80 से ज्यादा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गईं हैं। अब तक 11 हजार क्विंटल पराली गोशालाओं में भेजी गई है। जबकि एक हजार क्विंटल पराली अडानी प्लांट पर भेजी गई है। पिछले दिनों में 10 प्रतिबंधित कंबाइंड हार्वेस्टर मशीनें सीज की गई हैं। चेतावनी दी कि पराली प्रबंधन में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। सीडीओ के आदेश पर पराली प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर टीएसी रविंद्र प्रभाकर और नरेंद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

14 न्याय पंचायत स्तरीय नोडल अधिकारी

न्याय पंचायत स्तरीय नोडल अधिकारी में विष्णु शर्मा स.वि.अ (सहकारिता), विनय प्रकाश अवर अभियंता (लघु सिंचाई), सतीश चंद शर्मा स.वि.अ (पंचायत), सुनील कुमार सिंह अवर अभियंता (अपर आगरा कैनाल), राकेश बाबू कर्दम स.वि.अ (आईएसबी), खड़ग सिंह वरिष्ठ प्रावैधिक सहायक, महेंद्र शर्मा स.वि.अ (क.र), बिजेंद्र सिंह स.वि.अ (कृषि रक्षा), हरिपाल सिंह अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण, शिवनेश पचौरी स.वि.अ (समाज कल्याण), तरुण गौतम बीओ पीआरडी, विजय सिंह स.वि.अ (पंचायत), उदयवीर सिंह स.वि.अ (सहकारिता) और गजेंद्र सिंह तोमर स.वि.अ (पंचायत) शामिल हैं।

20 ग्राम पंचायत के नोडल अधिकारी

नोडल अधिकारी में रविंद्र प्रभाकर टीएसी, जितेंद्र कुमार एटीएम, लोकेंद्र देव सिंह एटीएम, पंकज परिहार लेखपाल, रामबाबू सैनी लेखपाल, नरेंद्र पाल सिंह टीएसी, राम भरोसी एटीएम, राकेश कुमार यादव लेखपाल, विकास उपाध्याय ग्रा.वि.अ, नानकराम ग्रा.पं.अ, मयंक सिंह लेखपाल, भौमेश गौतम लेखपाल, गुड्डू लेखपाल, गोविंद सारस्वत लेखपाल, लोकेंद्र देव सिंह एटीएम, सुमित पाठक लेखपाल, राजेश कुमार प्रथम ग्रा.वि.अ, अमर सिंह लेखपाल, बनी सिंह लेखपाल, कमल सिंह लेखपाल, प्रियांशु श्रीवास्तव शामिल हैं।

पराली प्रबंधन के लिए प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। लापरवाही बरतने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  -मनीष मीना, सीडीओ

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *