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प्रवर्तन निदेशालय
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) बहुचर्चित 250 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में दो अन्य आरोपी केसी ग्रुप पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और शिक्षा विभाग में तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा की आय से अधिक संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में है। हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में इनकी संपत्तियां बताई जा रही है। घोटाले का मुख्य आरोपी राजटा है। इसने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए निजी शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति बांट दी।
इन संस्थानों ने भी यह छात्रवृत्ति पात्र छात्रों को नहीं दी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते मंगलवार को मोहाली और शिमला में दबिश देकर दो अन्य आरोपी राजदीप और कृष्ण कुमार की 5 अचल संपत्ति और 14 बैंक खातों में पड़ी 6.25 करोड़ की शेष राशि को जब्त किया है। प्रवर्तन निदेशालय छात्रवृत्ति घोटाला मामले में आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत यह करवाई अमल में ला रहा है।
उच्च शिक्षा निदेशालय वितरित छात्रवृत्ति के संबंध में सीबीआई ने शिमला में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि राजदीप सिंह और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एंड एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से झूठे, जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज पेश करके एससी, एसटी, ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति का दावा किया था, ऐसे दावों को अरविंद राजटा ने सत्यापित किया था। ईडी ने एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के साझेदार राजदीप सिंह और कृष्ण कुमार, हितेश गांधी और अरविंद राजटा को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक 10.67 लाख संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
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