Shimla News: डाक विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने के मामले की जांच तेज, जानें पूरा मामला

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Investigation intensified into getting job in postal department using fake documents

फर्जी प्रमाण पत्र(सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में फर्जी प्रमाणपत्र से डाक विभाग में नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने शिमला मंडल के सभी बर्खास्त 12 डाक सेवकों के दस्तावेज जांच के लिए जुन्गा स्थित एफएसएल लैब भेजे हैं। अब प्रमाणपत्रों की जांच के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी में है। डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

फर्जी दसवीं के प्रमाणपत्रों के आधार पर डाक सेवक के पद पर नौकरी हासिल करने के आरोप लगे हैं। डाक विभाग दिल्ली मुख्यालय ने हिमाचल प्रदेश के कसुम्पटी स्थित डाक मंडल कार्यालय को 2018 से 2022 तक उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड प्रयागराज (शिक्षण संस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय) से दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्रों के आधार पर चयनित हुए अभ्यार्थियों के सर्टिफिकेट जांचने के निर्देश दिए थे।  इस पर डाक मुख्यालय दिल्ली ने पोस्ट मास्टर जनरल प्रयागराज को जांच अधिकारी अधिकृत किया था।

सर्टिफिकेटों की जांच की गई तो शिमला मंडल के करीब 12 डाक सेवकों के दसवीं के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। जांच में इनके दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्रों में दर्शाए नंबरों में भिन्नता पाई गई। मेरिट के आधार पर इन्होंने शिमला मंडल के सब डिवीजन में ग्रामीण डाक सेवक की नौकरी हासिल कर ली। आरोपी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल के रहने वाले हैं। ये सभी एक से पांच साल तक नौकरी करते रहे। अगस्त में डाक विभाग ने इस मामले में जांच पुलिस को सौंपी थी। 

 

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