Air Pollution: ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान फिर से हो रहा है शुरू, इतने प्रतिशत तक कम हो सकता है प्रदूषण

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Red Light On, Gaadi Off campaign to reduce air pollution says Petroleum Conservation Research Association Data

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– फोटो : istock

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राष्ट्रीय राजधानी के ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) (वायु गुणवत्ता सूचकांक) में गिरावट के बीच, ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान को फिर से लागू किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते एक्यूआई के बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली सचिवालय में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे। दिल्ली में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट हैं। उन्होंने कहा कि यहां विशेष टीमों को तैनात किया जा रहा है।

गोपाल राय ने एलान किया है कि ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान 26 अक्तूबर से फिर से शुरू होगा। अभियान के पिछले एडिशन की तरह, इस अभियान का मकसद वायु प्रदूषण को कम करना है शहर में यात्रियों को लाल बत्ती पर इंतजार करते समय अपने वाहन के इंजन को बंद करने के लिए प्रोत्साहित करना है। 

वाहनों से बढ़ता प्रदूषण

राजधानी में सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए इस अभियान को पहली बार 2020 में शुरू किया गया था। 15-सूत्रीय कार्य योजना के हिस्से के रूप में वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए इसकी शुरुआती की गई। पीटीआई की एक रिपोर्ट में पहले बताया गया था कि सरकारी अनुमान के आधार पर, परिवहन क्षेत्र शहर में 28 प्रतिशत PM2.5 उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है। दिल्ली की हवा में नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड का 80 प्रतिशत योगदान भी वाहनों का है।

प्रदूषण में 13 से 20 फीसदी तक की कटौती 

रिपोर्ट में पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन (पीसीआरए) के आंकड़ों का भी हवाला दिया गया है, जिससे पता चलता है कि अगर लोग ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद कर दें तो प्रदूषण में 13 से 20 फीसदी तक की कटौती की जा सकती है।

ऑड-ईवन व्हीकल राशनिंग सिस्टम

राय ने यह भी बताया कि ऑड-ईवन व्हीकल राशनिंग सिस्टम पर फिलहाल विचार नहीं किया जा रहा है। योजना के तहत, राजधानी में ऑड नंबर वाले रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले निजी वाहन ऑड तारीखों (1, 3, 5…) पर चलते हैं। जबकि ईवन नंबर वाले वाहन ईवन तारीखों (जैसे 2, 4, 6…) तारीखों पर चलते हैं।

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान

पर्यावरण मंत्रालय ने शहर की “बहुत खराब” वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के दूसरे चरण को लागू किया है। प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान और निरीक्षण के लिए विशेष टीमों को तैनात किया जाएगा ताकि सरकार समस्या के मूल कारण पर काम कर सके।

बहुत खराब श्रेणी में AQI 

SAFAR-India (सफर-इंडिया) के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह समग्र वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब श्रेणी’ में दर्ज की गई, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रविवार दोपहर के 302 के मुकाबले 306 था।

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