Kullu Dussehra: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव 24 अक्तूबर से, रथ यात्रा में उमड़ेंगे हजारों लोग

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International Kullu Dussehra Festival from 24 october, thousands of people will gather in Rath Yatra

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए पहुंचे खोखन कोठी के देवता।
– फोटो : संवाद

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आपदा के तीन महीने बाद कुल्लू फिर खड़ा हो गया है और मंगलवार से ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के रूप में देव महाकुंभ शुरू हो रहा है। इस बार 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। सोमवार देर शाम तक करीब 200 देवी-देवता कुल्लू पहुंच गए हैं। भगवान रघुनाथ समेत अन्य देवी-देवता अस्थायी शिविरों में रहेंगे। मेला स्थल पर 1300 जवान तैनात रहेंगे और ड्रोन-सीसीटीवी से भी नजर रखी जाएगी। भगवान रघुनाथ के सम्मान में वर्ष 1660 से दशहरा मनाया जा रहा है। मंगलवार शाम चार बजे भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ महाकुंभ शुरू होगा। भुवनेश्वरी माता भेखली का इशारा मिलते ही रथयात्रा शुरू होगी। रथ मैदान से भगवान रघुनाथ ढालपुर स्थित अस्थायी शिविर पहुंचेंगे। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल भी मेले में पहुंच भगवान रघुनाथ के दर्शन करेंगे। मेले के लिए आउटर सराज के 14 देवी-देवता 200 किमी सफर कर कुल्लू पहुंच गए हैं।

इनमें देवता खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, चोतरू नाग, बिशलूनाग, देवता चंभू उर्टू, देवता चंभू रंदल, सप्तऋषि, देवता शरशाई नाग, देवता चंभू कशोली, कुई कांडा नाग और माता भुवनेश्वरी शामिल हैं। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि दशहरा में पहली बार मलयेशिया, रूस, साउथ अफ्रीका, कजाकिस्तान, रोमानिया, वियतनाम, केन्या, श्रीलंका, ताइवान, किरगीस्तान, इराक और अमेरिका के सांस्कृतिक दल प्रस्तुति देंगे। वहीं, पहली सांस्कृतिक संध्या में पार्श्व गायक साज भट्ट, दूसरी में पंजाबी गायिका सिमर कौर, तीसरी में यूफोनी बैंड, लमन बैंड, चौथी में पंजाबी गायक शिवजोत, पांचवीं में जसराज जोशी, छठी में पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर, हारमनी ऑफ द पाइन्स के कलाकार आकर्षण रहेंगे। अंतिम संध्या में लोक कलाकार रमेश ठाकुर, कुशल वर्मा, लाल सिंह, खुशबू भारद्वाज, ट्विंकल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

दशहरे में थानेदार की भूमिका निभाते हैं नाग धूंबल

 अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में हलाण-दो के देवता नाग धूंबल थानेदार की भूमिका निभाते हैं। दशहरे के दौरान भीड़ को नियंत्रित करते हैं। रघुनाथ की रथयात्रा में किसी तरह की बाधा न हो, देवता उसे दूर करते हैं। रघुनाथ के शिविर के समीप देवता नाग धूंबल डेरा जमाते हैं।

पुलिस पहरे में रहेंगे श्रृंगा ऋषि और बालूनाग

दशहरा में बंजार घाटी के अधिष्ठाता देवता श्रृंगा ऋषि और बालूनाग भी पहुंच गए हैं। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के दौरान दोनों देवताओं को उनके अस्थायी शिविरों में नजरबंद किया जाएगा। दोनों पुलिस के कड़े पहरे में रहेंगे। इसके लिए पुलिस टीमों की तैनाती की जाएगी।

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