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ज्वालामुखी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के शक्तिपीठों ज्वालामुखी, चामुंडा और नंदिकेश्वर धाम चामुंडा में शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक करीब साढ़े तीन लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। पहले नवरात्र पर तीनों शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे। दूसरे और तीसरे नवरात्र में बारिश और भारी ठंड के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की गई। मौसम साफ होते ही फिर बाहरी राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में कांगड़ा जिले के मंदिरों में पहुंचे।
अष्टमी और नवमी तक तीनों शक्तिपीठों में भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। देर शाम तक श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए लाइनों में लगे रहे।जानकारी के अनुसार नौ नवरात्र में बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में एक लाख से अधिक, नंदिकेशवर धाम चामुंडा में 70 हजार और ज्वालामुखी मंदर में करीब एक लाख 75 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सोमवार को नवमी के दिन कन्या पूजन और हवन यज्ञ के साथ नवरात्रों का समापन किया गया।
श्री नयना देवी जी में 20 हजार श्रद्धालु पहुंचे
सोमवार को श्री नयना देवी जी में शाम 6:00 बजे तक 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इसके अलावा रविवार को 16 लाख 80 हजार नकद, 23 ग्राम 9 मिलीग्राम सोना, 2 किलो 460 ग्राम चांदी चढ़ावा चढ़ा।
चिंतपूर्णी में 78.85 लाख का चढ़ावा
मां चिंतपूर्णी के दरबार में शारदीय नवरात्र के दौरान करीब एक लाख के श्रद्धालु हाजिरी लगा चुके हैं। मंदिर न्यास को पहले सात नवरात्र में 78.85 लाख रुपये का नगद चढ़ावा प्राप्त हुआ। इसके अलावा माता रानी के भक्तों ने सोना चांदी और विदेशी मुद्रा भी मां के दरबार में चढ़ाई है। इन नवरात्र में होमगार्ड जवानों के साथ सेक्टर मजिस्ट्रेट ने भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्था बनाने में बेहतर भूमिका निभाई। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने नवरात्र के सफल आयोजन पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी।
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