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Moradabad Double Murder case
– फोटो : अमर उजाला
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भतीजे और गर्भवती बहू की हत्या के आरोपी चाचा प्रशांत कुमार और चाची गुड़िया को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छूरी और बांका बरामद कर लिया है। हत्या में शामिल तीसरा आरोपी प्रशांत का बेटे चार्ली की अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
भगतपुर थानाक्षेत्र के गांव परशुपुरा बाजे में शनिवार रात करीब तीन बजे निजी स्कूल के शिक्षक प्रशांत कुमार (40) ने अपने सगे भतीजे वरुण कुमार उर्फ गोलू (22) और उसकी सात माह की गर्भवती पत्नी बबीता (20) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। रविवार सुबह आरोपी चाचा ने चौकी में जाकर सरेंडर कर दिया था।
दोनों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने बताया कि वरुण कुमार भगतपुर क्षेत्र में ही मोबाइल की दुकान पर नौकरी करता था। दो साल पहले उसकी शादी चंदौसी निवासी बबीता के साथ हुई थी। वरुण के पिता प्रबल सिंह और मां ममता का पहले ही निधन हो चुका है।
दोनों परिवार एक ही परिसर में बने मकानों में रहते हैं। वरुण का परिवार और चाचा के बीच अक्सर झगड़ा होता था। प्रशांत का कहना था कि उसके पिता राजेंद्र सिंह (85) सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्हें करीब 35 हजार पेंशन मिलती है। वरुण और उसकी पत्नी ही पेंशन रखते थे।
पिता के पेंशन के पैसे को लेकर कई बार झगड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी प्रशांत और उसकी पत्नी गुड़िया उर्फ कल्पना सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
ताबड़तोड़ हमले के चलते दोनों को उठने का अवसर नहीं मिला
शनिवार रात सोते समय भतीजा और बहू पर हमला किया गया था। ताबड़तोड़ हमले के चलते दोनों को उठने का अवसर नहीं मिला। छूरी और बांका से भतीजे वरुण की गर्दन, चेहरा और सिर पर पांच वार किए गए थे। वहीं बहू बबीता के सिर, चेहरे, हाथ और सीने पर आठ वार किया गया था। इसी कारण दोनों की मौत हो गई।
डीएनए के लिए सैंपल सुरक्षित
डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के दौरान वरुण और बबीता के खून का सैंपल डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी चाचा और चाची ने हाथ धोए थे। उनका भी सैंपल लिया गया है। डीएनए से दोनों के खून का मिलान किया जाएगा। यह साक्ष्य अदालत के लिए काफी मजबूत होगा।
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