हिमाचल: बगावती सुरों के बीच लाहौल-स्पीति में असमंजस में भाजपा और कांग्रेस

[ad_1]

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

लाहौल-स्पीति विधानसभा में भी कड़ाके की ठंड के बीच 12 नवंबर को मतदान हुआ है। भाजपा और कांग्रेस के बीच बगावती सुर होने से घाटी के मतदाता असमंजस में हैं। बर्फीली पहाड़ियों में सर्द फिजाओं के बीच दोनों राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और कार्यकर्ता चुनावी समीकरण के आंकलन में जुटे हैं। दोनों दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी ने भी लाहौल स्पीति में अपना प्रत्याशी उतारा है। तीनों ही प्रत्याशी लाहौल घाटी के संबंध रखते हैं, ऐसे में उम्मीदवारों के जीत और हार का फैसला स्पीति के मतदाताओं पर अधिक निर्भर है। अब आठ दिसंबर को पता लगेगा कि स्पीति के मतदाताओं ने किसके पक्ष में मतदान किया। 

12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद भाजपा के डॉ. राम लाल मारकंडा, कांग्रेस के रवि ठाकुर और आम पार्टी के सुदर्शन जस्पा की किस्मत ईवीएम में बंद है। सबको आठ दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है। लाहौल-स्पीति जिला में भाजपा और कांग्रेस के नेता बूथ स्तर पर आंकड़े जुटा कर अपनी-अपनी पार्टी के जीत का दावा कर रहे हैं। जबकि आप के नेता और कार्यकर्ता चुप्पी साधे हुए हैं। 

जानकारों को मानना है कि लाहौल-स्पीति में भाजपा और कांग्रेस में रोचक मुकाबले देखने को मिलेग। वहीं, दोनों पार्टी में बगावत के सुर अंदर खाते से खूब चला है। भाजपा प्रत्याशी ने विकास के नाम वोट मांगा तो कांग्रेस प्रत्याशी ने ओपीएस बहाली और महिलाओं को हर माह 1500 देने सहित कई वादों को जनता के बीच रखकर वोट मांगे हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ने बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य देने की बात जनता के बीच रखी है।

विस्तार

लाहौल-स्पीति विधानसभा में भी कड़ाके की ठंड के बीच 12 नवंबर को मतदान हुआ है। भाजपा और कांग्रेस के बीच बगावती सुर होने से घाटी के मतदाता असमंजस में हैं। बर्फीली पहाड़ियों में सर्द फिजाओं के बीच दोनों राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और कार्यकर्ता चुनावी समीकरण के आंकलन में जुटे हैं। दोनों दल अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी ने भी लाहौल स्पीति में अपना प्रत्याशी उतारा है। तीनों ही प्रत्याशी लाहौल घाटी के संबंध रखते हैं, ऐसे में उम्मीदवारों के जीत और हार का फैसला स्पीति के मतदाताओं पर अधिक निर्भर है। अब आठ दिसंबर को पता लगेगा कि स्पीति के मतदाताओं ने किसके पक्ष में मतदान किया। 

12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव के मतदान के बाद भाजपा के डॉ. राम लाल मारकंडा, कांग्रेस के रवि ठाकुर और आम पार्टी के सुदर्शन जस्पा की किस्मत ईवीएम में बंद है। सबको आठ दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है। लाहौल-स्पीति जिला में भाजपा और कांग्रेस के नेता बूथ स्तर पर आंकड़े जुटा कर अपनी-अपनी पार्टी के जीत का दावा कर रहे हैं। जबकि आप के नेता और कार्यकर्ता चुप्पी साधे हुए हैं। 

जानकारों को मानना है कि लाहौल-स्पीति में भाजपा और कांग्रेस में रोचक मुकाबले देखने को मिलेग। वहीं, दोनों पार्टी में बगावत के सुर अंदर खाते से खूब चला है। भाजपा प्रत्याशी ने विकास के नाम वोट मांगा तो कांग्रेस प्रत्याशी ने ओपीएस बहाली और महिलाओं को हर माह 1500 देने सहित कई वादों को जनता के बीच रखकर वोट मांगे हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ने बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य देने की बात जनता के बीच रखी है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *