Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi, Time Live Updates: करवा चौथ कल, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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करवा चौथ पूजा सामग्री (Karwa chauth Puja samagri)

  • करवा चौथ की पूजा के लिए टोटीवाला करवा (मिट्‌टी या तांबे का ढक्कन वाला करवा), कलश,रोली, कुमकुम, मौली, अक्षत,

  • पान, व्रत कथा की पुस्तक, दही, शक्कर का बूरा,चंदन, फूल, हल्दी, चावल, मिठाई

  • देसी घी, इत्र, नारियल, जनेऊ जोड़ा, अबीर, गुलाल, शहद, दक्षिणा, कच्चा दूध.

  • छलनी, कपूर, गेहूं, बाती (रूई), करवा माता की तस्वीर, दीपक, अगरबत्ती, लकड़ी का आसन, हलुआ, आठ पूरियों की अठावरी.

  • सरगी – 16 श्रृंगार की सभी समाग्री, ड्रायफ्रूट्स, फल, मिष्ठान

  • 16 श्रृंगार का सामान – कुमकुम, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, काजल, बिछुआ,काली पोत

करवा चौथ की आरती

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया.. ओम जय करवा मैया.

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी.

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी..

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती.

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती..

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे.

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे..

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे.

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे..

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया.

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..

करवा चौथ व्रत की मान्यता

पौराणिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा की शुरुआत महाभारत काल से हुई थी. सबसे पहले श्रीकृष्ण के कहने पर द्रौपदी ने पांडवों के प्राण की रक्षा के लिए इस व्रत को किया था. कहा जाता है कि, द्रौपदी के व्रत रखने के कारण ही पांडवों के प्राण पर कोई आंच नहीं आई थी. इसलिए कहा जाता है कि, हर सुहागिन स्त्री को अपने पति की रक्षा और लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए. साथ ही इस व्रत को रखने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है और आपसी संबंध मधुर होते हैं.

इन राज्यों में भव्य पैमाने पर मनाया जाता है करवा चौथ

करवा चौथ का त्यौहार भारतवर्ष में भव्य पैमाने पर मनाया जाता है लेकिन खासकर उत्तर भारत, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, में करवा चौथ का अलग और सबसे खूबसूरत रंग देखने को मिलता है.

करवा चौथ व्रत से संबंधित महत्वपूर्ण नियम

  • करवा चौथ व्रत के दिन चंद्रमा के दर्शन और पूजा से पहले अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता है.

  • सुहागिन महिलाओं के लिए विवाह के बाद 12 या 16 वर्षों तक निरंतर करवा चौथ व्रत करना महत्वपूर्ण माना गया है.

  • करवा चौथ के दिन महिलाएं दुल्हन की तरह श्रृंगार करती हैं और आभूषण पहनती हैं.

  • करवा चौथ की पूजा में एक मीठा करवा और एक मिट्टी का करवा अवश्य शामिल करें.

  • मिट्टी के करवे से ही चंद्रमा को अर्घ्य दें.

  • इसके बाद भगवान शिव, मां पार्वती, और भगवान गणेश का स्मरण करें और उसके बाद अपने पूरे परिवार के साथ भोजन ग्रहण करें.

करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ व्रत के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले ही व्रत प्रारंभ कर देती हैं और रात को चंद्र दर्शन और चंद्र पूजा के बाद ही व्रत खोला जाता है. इस दिन भगवान शिव, मां पार्वती की, और भगवान गणेश की पूजा का विधान बताया गया है. यूँ तो करवा चौथ का यह व्रत विवाह के बाद लगातार 12 या 16 वर्षों तक रहना अनिवार्य होता है हालांकि, यदि आप चाहें तो इसे आजीवन भी रख सकती हैं. पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ सबसे श्रेष्ठ उपवास बताया गया है. करवा चौथ का शुभ व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को किया जाता है. मान्यता है कि जो कोई भी सुहागिन स्त्री इस व्रत को करती है उनके पति की उम्र लंबी होती है, उनका गृहस्थ जीवन सुखद होता है, और साथ ही उनके पति को स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर परेशानी नहीं होती है. इसके अलावा कुंवारी कन्याएं भी करवा चौथ के व्रत को करती हैं जिससे उन्हें सुयोग्य या मनचाहे वर की प्राप्ति होती है.

Karwa Chauth 2023 Puja Time (करवा चौथ 2023 पूजा मुहूर्त)

  • करवा चौथ व्रत 1 नवंबर 2023, बुधवार को रखा जाएगा.

  • करवा चौथ व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 05:29 से 06:45 बजे तक रहेगा.

  • करवा चौथ व्रत समय शाम 06:13 से 08:14 तक रहेगा.

  • करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय रात 08:14 पर होगा.

  • चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 31 अक्टूबर 2023 को रात 09:30 बजे होगा.

  • चतुर्थी तिथि की समाप्ति 01 नवंबर 2023 को रात 09:19 बजे होगी.

करवा चौथ 2023 चांद कब निकलेगा ?

इस साल करवा चौथ की पूजा का समय 1 नवंबर 2023 को, शाम 05.36 से शाम 06.54 तक है. व्रती को पूजा के लिए 1 घंटे 18 मिनट का समय मिलेगा. करवा चौथ का चांद रात 08.15 मिनट पर निकलेगा.

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