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श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले की जांच में दिल्ली पुलिस ने अपना पूरा दम लगाया हुआ है। पूरे देश की निगाहें इस सनसनीखेज हत्याकांड पर टिकी हुई हैं। पुलिस नहीं चाहती कि इस केस को लेकर उसकी फजीहत हो।
खुद दिल्ली पुलिस आयुक्त ने गंभीरता से मामले की जांच करने का आदेश दिया हुआ है। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस की एक टीम आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को लेकर मेटल डिटेक्टर के साथ गुरुग्राम पहुंची। पुलिस ने कई घंटे डीएलएफ फेज-2 के खाली प्लॉट और जंगलों की खाक छानी। पुलिस को आशंका है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार को आफताब ने यहां ठिकाने लगाया है, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली और दोपहर बाद उसे खाली हाथ लौटना पड़ा।
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चूंकि छतरपुर पहाड़ी इलाके से जंगल बेहद नजदीक है, ऐसे में इस बात की ज्यादा संभावना है कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसके शव के ज्यादातर टुकड़ों को महरौली के जंगल में ठिकाने लगाया हो। इसी वजह से पुलिस का फोकस महरौली इलाके में ज्यादा है। शनिवार सुबह 20-25 जवानों की टीम ने महरौली के जंगलों में जाकर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन वहां से भी पुलिस को कुछ नहीं मिला।
दोपहर को एक बार फिर टीम को जंगल भेजा गया। शाम तक चली जांच के बाद एक बार फिर टीम खाली हाथ लौट आई। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आफताब बार-बार पुलिस को गुमराह कर रहा है। बेहद शातिर अपराधी की तरह वह सारी तरकीबें लगा रहा है, जिससे पुलिस को अंधेरे में रखा जा सके।
मुंबई की रहने वाली श्रद्धा की दिल्ली में हुई हत्या से महाराष्ट्र सरकार ने सबक लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र सरकार अब श्रद्धा जैसी अन्य भागी हुई लड़कियों को सहायता और सुरक्षा देगी। इसके लिए सरकार ने स्क्वाड के गठन का आदेश दिया है। महाराष्ट्र के महिला एवं बाल मंत्री मंगल प्रभात ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है। मंगल प्रभात ने बताया कि मैंने राज्य महिला आयोग को एक टीम बनाने का निर्देश दिया है। जब कोई लड़की 18 साल की उम्र पार कर जाती है और परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है तो ऐसी लड़़कियों को सुरक्षा देने की मदद की जाएगी।
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