[ad_1]

गोरखपुर में प्रदूषण।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर शहर में निकले हैं तो सांसें जरा संभलकर लें। सावधानी नहीं बरती तो बीमार भी हो सकते हैं। वजह यह है कि छोटे-बड़े तकरीबन नौ लाख वाहन बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के शहर की सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इनका जहरीला धुआं किसी को भी बीमार बना सकता है। शहर में हालत इतनी गंभीर है कि मुख्य बाजार गोलघर तक में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरे के आसपास बना रह रहा है। ऐसे में बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
वाहनों के धुएं से शरीर को बेहद नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक तत्व कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन, सल्फर डाई ऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड निकलते हैं। आरटीओ के आंकड़े गवाह हैं कि नौ लाख वाहन जिले में बिना प्रदूषण की जांच के ही दौड़ रहे हैं। इनमें ऐसे वाहन भी हैं, जिनके चलने की समय सीमा भी बीत चुकी है। वहीं रोडवेज की 170 में 90 बसें भी बिना प्रदूषण की जांच के ही चलती हैं।
अब जाहिर है कि इन वाहनों का जहरीला धुआं हृदय, अस्थमा और सांस के रोगियों के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। डॉक्टर भी इस समय भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचने और बढि़या गुणवत्ता का मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: दिवाली और छठ पर चलेंगी 200 अतिरिक्त बसें, दूर होंगी मुश्किलें
[ad_2]
Source link