AAP: आम आदमी पार्टी के अस्तित्व पर सवाल, शराब घोटाले के आरोप सही होने पर क्या खत्म होगी पार्टी की मान्यता?

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AAP: If liquor scam allegations prove true, will Aam Aadmi Party recognition be cancelled?

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– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार


शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल के भी फंसने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि दो नवंबर को जब वे प्रवर्तन निदेशालय के सामने पूछताछ के लिए पेश होंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। चूंकि, आरोप लगाये जा रहे हैं कि शराब घोटाले का पैसा आम आदमी पार्टी के लिए इस्तेमाल किया गया है, आम आदमी पार्टी को भी इस मामले में एक आरोपी बना दिया गया है। तो क्या यदि शराब घोटाले के आरोप सही सिद्ध होते हैं, तो इसका असर आम आदमी पार्टी के अस्तित्व पर भी पड़ सकता है? सीधे शब्दों में कहें तो क्या (शराब घोटाले में दोषी करार होने के बाद) आम आदमी पार्टी की मान्यता समाप्त हो सकती है और वह चुनाव लड़ने के योग्य करार दी जा सकती है? सर्वोच्च न्यायालय के टॉप वकीलों से हमने इस मुद्दे पर विस्तृत बात की और इस मामले के कानूनी पहलुओं को समझने की कोशिश की।

सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार दुबे ने अमर उजाला को बताया कि कोई राजनीतिक दल कोई व्यापारिक फर्म या कंपनी नहीं होती। वह किसी वित्तीय लेनदेन से नहीं जुड़ी होती। लिहाजा उसे किसी वित्तीय कदाचार के लिए सीधे तौर पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन पार्टी के किसी पद पर बैठे व्यक्ति के द्वारा पैसे की लेनदेन का कोई गलत कार्य किया जाता है, तो उस पर आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में दोषी साबित होने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।

यदि एक राजनीतिक दल के तौर पर कोई गलत निर्णय लिया गया है, तो इसके लिए उस पर विभिन्न कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। ऐसे मामले में पार्टी को एक आरोपी बनाया जा सकता है। ऐसे मामलों में पार्टी का अध्यक्ष या राष्ट्रीय संयोजक पार्टी की तरफ से अदालत में पेश होता है और पार्टी की तरफ से अपने बचाव में दलीलें पेश करता है। यदि पार्टी पर दोष साबित हो जाता है तो अदालत इस दोषसिद्धि को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग से अपेक्षित कार्रवाई करने का निर्देश दे सकता है।   






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