Varanasi: घर से पैसे लेकर भागे युवक ने पुलिस को घंटों उलझाया, सुनाई बंधक बनाने की कहानी; ऐसे सुलझी गुत्थी

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The young man who ran away from home with money, entangled the police for hours, told the story of being taken

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– फोटो : फाइल फोटो

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लोहता (वाराणसी)। केराकतपुर गांव से पांच दिन से लापता 13 वर्षीय किशोर बुधवार को अपने घर पहुंचा तो खुद को बंधक बनाने की बात बताकर सनसनी फैला दी। लोहता थाने की पुलिस ने सीसी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया और किशोर से पूछताछ की तो चंद घंटों बाद बंधक बनाए जाने की कहानी झूठी निकली। किशोर ने स्वीकार किया वह अपने पिता के एक ग्राहक से 500 रुपये लेकर भाग गया था। परिजनों की डांट से डर कर उसने झूठी कहानी रची थी।

लोहता थाना क्षेत्र के केराकतपुर निवासी कपड़ा प्रेस करने वाले एक व्यक्ति का 13 वर्षीय बेटा बीते 27 अक्तूबर को गांव में ही भंडारे में गया था। इसके बाद उसका पता नहीं लगा। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने लोहता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार की दोपहर वह अपने घर पहुंचा।

किशोर ने अपने परिजनों को बताया कि वह भंडारे में शामिल होने के बाद घर आ रहा था। घर से लगभग सौ मीटर पहले बाइक सवार मास्क लगाए दो लोगों ने उसे रोका। दोनों लोगों ने उससे कहा कि तुम हमारे कबाड़ के गोदाम से लोहा चुराते हो। इसके बाद दोनों उसे जबरन अपने साथ ले गए और उसका हाथ-पैर व मुंह बांधकर कबाड़ के गोदाम में छोड़ दिया। उसे खाना और पानी भी नहीं दिया जाता था। बुधवार की सुबह लगभग 11:30 बजे किसी तरह से वह खुद का हाथ-पैर छुड़ाया और भाग निकला। उसे भागता देख एक व्यक्ति ने बाइक से उसका पीछा किया। इसके बाद उसे उसके घर के समीप पीटने लगा। उसकी पिटाई होते देख मौके पर मौजूद लोग बाइक सवार व्यक्ति को दौड़ाए तो वह भाग निकला। किशोर की बातों पर विश्वास कर उसके परिजनों ने सूचना लोहता थाने की पुलिस को दी। पुलिस ने किशोर के घर से कबाड़ के गोदाम के बीच लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो वह 27 अक्तूबर की शाम उस ओर जाते हुए नहीं दिखा। इस पर पुलिस और परिजनों ने उसे पूछताछ शुरू की। अंतत: किशोर ने स्वीकार कर लिया कि बंधक बनाने की उसकी कहानी झूठी है।

पैसा बचा नहीं था, भूख लग रही थी तो घर चला आया

लोहता थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने बताया कि किशोर से पूछताछ में सामने आया कि वह अपने पिता के ग्राहकों से मिलने वाले पैसे में पहले भी थोड़ा-बहुत हेर-फेर कर देता था। 27 अक्तूबर को पिता के एक ग्राहक से कपड़े प्रेस करने के बदले वह 500 रुपये ले लिया था। इसके बाद कैंट रेलवे स्टेशन की ओर चला गया और जहां जो मन करता खाता और फिर सो जाता। पैसा खत्म होने पर उसके सामने पेट भरने का संकट पैदा हो गया था। ऐसे में वह घर लौट आया और बंधक बनाने की झूठी कहानी सुनाई। वहीं, बाइक सवार जो युवक किशोर को उसके घर के समीप थप्पड़ मारा था, उसके यहां से उसने एक-दो बार लोहा चुराया था। लोहता थानाध्यक्ष ने कहा कि कक्षा सात में पढ़ने वाले किशोर को दोबारा ऐसा न करने के लिए समझाया गया है। उसे कहा गया है कि वह पढ़ाई पर ध्यान दे और अपने मां-बाप के साथ अच्छे से रहे।

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