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अगले साल में एक लाख शिक्षार्थियों के दाखिले का लक्ष्य: कुलपति
मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सीमा सिंह का कहना है कि शिक्षार्थियों की संख्या तीन हजार से बढ़कर 70 हजार तक यूं ही नहीं पहुंची, इसके लिए शुरुआती चुनौतियों और संघर्षों के बीच से रास्ता तलाशा है। विश्वविद्यालय से जुड़े हर व्यक्ति को इसका श्रेय जाता है। कुलपति ने भविष्य की कई योजनाएं भी साझा कीं। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश…
विश्वद्यालय से जुड़ी क्या योजनाएं हैं?
शिक्षार्थियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। इसके साथ ही मुक्त विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रहीं हैं। इस साल 70 हजार शिक्षार्थियों ने प्रवेश लिए हैं। अगले साल आंकड़ा एक लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
पाठ्यक्रमों को रोजगारपरक के क्या प्रयास किए गए?
विश्वविद्यालय की ओर से लगातार इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। पिछले दिनों नाेएडा में मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित सम्मेलन में देश की नामी कपंनियाें को आमंत्रित किया गया। सम्मेलन में 25 कंपनियों के साथ विश्वविद्यालय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षार्थियों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में यह बड़ा कदम है।
महिला सशक्तिकरण के लिए कोई योजना?
गांव की महिलाओं को आधी फीस पर पढ़ाया जा रहा है। जो निरक्षर हैं, उनके कौशल संवर्धन के लिए मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से नए कौशल विकास केंद्र खोलने जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों प्रदेश सरकार के कौशल विकास केंद्र से विश्वविद्यालय ने एमओयू किया है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप क्या हो रहा है?
जुलाई-2023 से नई शिक्षा नीति के तहत ही प्रवेश लिए जा रहे हैं। इसी आधार पर पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री, प्रश्नपत्र आदि संशोधित किए जा चुके हैं। आगामी परीक्षाएं नई शिक्षा नीति के तहत ही होंगी।
सामने किस तरह की चुनौतियां देखतीं हैं?
विश्वविद्यालय अब डिजिटलीकरण एवं ऑनलाइन शिक्षा की ओर से बढ़ रहा है। हमारी चुनौती हर आयु वर्ग के शिक्षार्थी को इससे जोड़ने की है।
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