GRAP-lll: दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए लागू ‘ग्रैप’ क्या है, यह कब प्रभावी होता है; कौन लेता है इसका फैसला?

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दिल्ली में लागू तीसरे चरण में क्या शामिल है?
गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 392 रहा। मौजूदा वायु गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए और क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में आगे गिरावट को रोकने के लिए उप-समिति ने 2 नवंबर को ग्रैप-3 के तहत सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में लागू करने की बात कही। यह चरण ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता यानी एक्यूआई 401-450 के बीच होने पर लागू किया जाता है। बता दें कि 2022 में ग्रैप का चरण-III अक्तूबर के महीने में ही लागू किया गया था, इस साल संशोधित ग्रैप का चरण-III नवंबर में लागू किया गया है।

ग्रैप-III के तहत 8 सूत्रीय कार्य योजना 2 नवंबर से पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इस 8 सूत्रीय कार्य योजना में विभिन्न एजेंसियों और एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और डीपीसीसी की ओर से किए जाने वाले कदम शामिल हैं। ये कदम इस प्रकार हैंः

1. सड़कों की मशीन/वैक्यूम आधारित की जाने वाली सफाई की संख्या बढ़ाना। 

2. सड़कों पर विशेषतौर पर हॉटस्पॉट, ज्यादा यातायात वाले रास्तों पर पीक ट्रैफिक वाले घंटों से पहले धूल रोकने के साथ रोज पानी का छिड़काव और इकट्ठा की गई धूल आदि को निर्धारित स्थलों या लैंडिफल में डालना।

3. सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाना। पीक टाइम से इतर यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग दरें शुरू करना।

4. कुछ अपवादों को छोड़कर निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियां प्रतिबंधित करना। 

5. स्टोन क्रशर का संचालन बंद करना।

6. एनसीआर में खनन और संबंधित गतिविधियों को बंद रखा जाएगा। 

7. दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी (4 पहिया) पर प्रतिबंध। 

8. एनसीआर में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में कक्षाएं बंद करने और ऑनलाइन मोड में कक्षाएं संचालित करने का विकल्प।  

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