हाईकोर्ट : ग्राम प्रधान चुनाव के निरस्त बैलेट पेपर के पुनर सत्यापन आदेश पर रोक

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High Court: Ban on re-verification order of canceled ballot paper of village head election

अदालत।
– फोटो : अमर उजाला।



विस्तार


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुनर्मतगणना के लिए ग्राम प्रधान पद के निरस्त मतों के सत्यापन के बाद पुनः सत्यापित कर मत संख्या में बदलाव करने के चुनाव आयुक्त के आदेश व रिजल्ट सीट आदेश पांच जुलाई 23 व 11 जुलाई 23 पर रोक लगा दी है। साथ ही चुनाव अधिकरण को 17 मार्च 23 की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर पुनर्मतगणना के आदेश के अनुपालन का कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने चुनाव आयुक्त से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 15 दिसंबर नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र ने गाजीपुर की ग्रामसभा देवा, न्याय पंचायत लेडीहा की प्रधान सुनीता चौरसिया की याचिका पर दिया है।

याची का कहना है कि ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर प्रतिद्वंदी अनीश ने चुनाव याचिका दायर की गई। चुनाव अधिकरण ने जिला चुनाव अधिकारी गाजीपुर को निरस्त मतों का सत्यापन कर दो हफ्ते में मतगणना करने का आदेश दिया। जिसे याची ने चुनौती दी। कहा फार्म 46 मे 24 निरस्त बैलेट दर्ज है, जो गलत है। 

कोर्ट ने फार्म 45 मे निरस्त बैलेट के सत्यापन का आदेश दिया तो 17 मार्च 2023 के सत्यापन में कुल 65 वोट पाए गए। और पुनर्मतगणना का आदेश दिया गया। अनीशा की अवमानना याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया तो आनन-फानन में चुनाव आयुक्त ने पांच जुलाई के आदेश से पुनर्मतगणना रोक दी और 11 जुलाई 2023 को सत्यापन में निरस्त बैलेट की संख्या 18 बढ़ गई। कुल 82 बैलेट मिले। जिसे चुनौती दी गई कि एक बार के सत्यापन में फार्म 45 मे 65 बैलेट मिले। अवमानना के डर से जिसे बढ़ाकर 82 कर दिये गए हैं। जिस पर कोर्ट ने बाद के सत्यापन पर रोक लगाते हुए जवाब मांगा है।

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