कैसे मिले बेहतर इलाज: डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा पहाड़, सृजित 500 पदों में से 320 खाली

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Kumaon is facing shortage problem of doctors

कुमाऊं में डॉक्टरों की कमी
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार


कुमाऊं के अगर छह जिलों की बात करें तो यहां के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर तो दूर सामान्य ड़़ाक्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। सरकार अस्पताल से ही दवाएं देने की बात करती है लेकिन पर्ची पर जो दवाएं लिखीं जाती है वे अक्सर अस्पताल में नहीं मिलती हैं। ऐसे में तीमारदारों को बाहर केमिस्ट की दुकान से महंगी दवाएं लेनी पड़तीं हैं। मरीजों के तीमारदारों को कहना है कि कई डॉक्टर तो जानबूझकर बाहर की दवा लिखते हैं। यह बात सच भी लगती है क्योंकि पिछले ही दिनों एक डॉक्टर को बाहर की दवा लिखने पर निलंबित किया गया था।

मंडल के अस्पतालों में कहीं चिकित्सा उपकरण बिना तकनीशियनों के अभाव के धूल खा रहे हैं या ताले में बंद हैं तो कहीं तकनीशियन उपकरण के इंतजार में हैं। यही वजह है कि मामूली से एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए भी पर्वतीय जिलों के लोगों को हल्द्वानी या अन्य जगहों की दौड़ लगानी पड़ती है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामनआती हैं। कुमाऊं के अस्पताल में सृजित 674 पदों में से सिर्फ 301 पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, 376 पद रिक्त हैं।

 

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