Mandi: औट के थलौट, नगारनी और फागू गांव में फोरलेन निर्माण पर रोक

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Fourlane construction mandi

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– फोटो : संवाद

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चंडीगढ़-मनाली फोरलेन के निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित ग्राम पंचायत औट के थलौट, नगारनी और फागू गांव का दौरा मंगलवार को एसडीएम बालीचौकी सिद्धार्थ आचार्य ने किया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने पाया है कि इन गांवों के बाहर जो दरारें आई हैं, वो काफी बड़ी हैं और धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। 32 मकान, 16 गोशाला, 3 मंदिर और एक सराय खतरे की जद में है। इस पर प्रभावित क्षेत्र के इर्द-गिर्द प्रशासन ने एनएचआई को फोरलेन का निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट की ओर से सर्वे किया जाने की बात कही है। जिसके बाद सुरक्षा के उचित कदम उठाए जाएंगे। मामले की रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को भेजी जाएगी। बता दें कि प्रभावितों ने डीसी मंडी से क्षेत्र का दौरा करने की अपील की थी।

आरोप था कि फोरलेन निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और अवैज्ञानिक कटिंग से उनके गांवों को खतरा है और जानमाल का नुकसान हो सकता है। गांव के लोगों की समस्या और खतरे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दौरा किया है। कानूनगो प्रकाश चंद ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस दौरान एनएचआईए के अधिकारी भी मौजूद रहे। उधर, बालीचौकी के एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य ने बताया कि जिला प्रशासन गांव वालों की समस्या के निदान के लिए प्रयासरत है। गांवों के बाहर जो जमीनों में गहरी दरारें आई हैं, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट से इन गांवों का बारीकी से निरीक्षण करवाया जाएगा। आचार्य ने एहतियात के तौर पर  एनएचएआई को इस क्षेत्र में कार्य बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 

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चंडीगढ़-मनाली फोरलेन के निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित ग्राम पंचायत औट के थलौट, नगारनी और फागू गांव का दौरा मंगलवार को एसडीएम बालीचौकी सिद्धार्थ आचार्य ने किया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने पाया है कि इन गांवों के बाहर जो दरारें आई हैं, वो काफी बड़ी हैं और धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। 32 मकान, 16 गोशाला, 3 मंदिर और एक सराय खतरे की जद में है। इस पर प्रभावित क्षेत्र के इर्द-गिर्द प्रशासन ने एनएचआई को फोरलेन का निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट की ओर से सर्वे किया जाने की बात कही है। जिसके बाद सुरक्षा के उचित कदम उठाए जाएंगे। मामले की रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को भेजी जाएगी। बता दें कि प्रभावितों ने डीसी मंडी से क्षेत्र का दौरा करने की अपील की थी।

आरोप था कि फोरलेन निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और अवैज्ञानिक कटिंग से उनके गांवों को खतरा है और जानमाल का नुकसान हो सकता है। गांव के लोगों की समस्या और खतरे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दौरा किया है। कानूनगो प्रकाश चंद ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस दौरान एनएचआईए के अधिकारी भी मौजूद रहे। उधर, बालीचौकी के एसडीएम सिद्धार्थ आचार्य ने बताया कि जिला प्रशासन गांव वालों की समस्या के निदान के लिए प्रयासरत है। गांवों के बाहर जो जमीनों में गहरी दरारें आई हैं, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट से इन गांवों का बारीकी से निरीक्षण करवाया जाएगा। आचार्य ने एहतियात के तौर पर  एनएचएआई को इस क्षेत्र में कार्य बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। 



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