हिमाचल: ऐसा पर्यटन स्थल जहां बर्फ से लदी खूबसूरत वादियों को निहारने के लिए लगता है सैलानियों का तांता

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हिमाचल प्रदेश उत्तर-पश्चिमी हिमालय के दिल की धड़कन है। हिमाचल पवित्र चोटियों, मनोरम नदी घाटियों, पर्वत झीलों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। प्रदेश की ट्रेकिंग, राफ्टिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग या पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए भी अलग पहचान है। हिमाचल में कई ऐसे मनोरम स्थल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। उन्हीं में से एक है मनाली से कुछ ही दूरी पर मौजूद विश्व विख्यात पर्यटन स्थल सोलंगनाला, जहां सैलानियों का मेला लगा रहता है।

समर और विंटर दोनों ही सीजन में सैलानी बड़ी संख्या में इस खूबसूरत जगह के दीदार के लिए पहुंचते हैं। विंटर सीजन में बर्फ से लकदक खूबसूरत वादियों के दीदार के लिए सैलानी यहां खींचे चले आते हैं। यह स्थल नवंबर से फरवरी- मार्च तक बर्फ से लकदक रहता है। सोलंगनाला में स्की ढलान भी एक मुख्य आकर्षण होता है। अगर आप भी बर्फ से ढकी वादियों के बीच सुकून के पल बिताने की सोच रहे हैं तो सोलंगनाला सही जगह साबित हो सकती है। मनाली से नेहरूकुंड, पलचान होते हुए बर्फ की चादर में लिपटी वादियों को निहारते हुए सोलंगनाला पहुंच सकते हैं। 

सोलंगनाला में साहसिक गतिविधियों में स्कीइंग, स्नो स्कूटर तथा पैराग्लाइडिंग का भी आनंद उठा सकते हैं। बर्फ के बीच घुड़सवारी, याक सवारी, स्नो स्कूटर और स्लेजिंग का मजा भी मजा ले सकते हैं। 

सोलंगनाला सड़क व हवाई मार्ग दोनों के जरिये पहुंचा जा सकता है। दिल्ली, चंडीगढ़ से बसों के जरिये मनाली तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद सोलंगनाला तक टैक्सी व बस सेवा के जरिये पहुंच सकते हैं। भुंतर तक हवाईसेवा भी उपलब्ध है। वहां से मनाली-सोलंगनाला के लिए बस या टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।

भुंतर से मनाली की दूरी करीब 50 किलोमीटर है। इसी तरह चंडीगढ़ से मनाली बस के जरिये बाया एनएच-3 से करीब आठ घंटों में पहुंचा जा सकता है। जबकि  दिल्ली करीब साढ़े 12 घंटों में पहुंचा जा सकता है। इसके बाद मनाली से सोलंगनाला सड़क मार्ग से करीब 13 किलोमीटर का सफर है। 

 

इन बातों का रखें ध्यान

सर्दियों में मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बहुत ज्यादा होती है। बर्फबारी की स्थिति में तापमान और भी गिर जाता है। ऐसे में पूरी तैयार के साथ ही घर से निकले। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी की स्थित में भूस्खलन की संभावना है। ऐसे में संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। प्रशासन की सलाह व मौसम की अनुकूल स्थिति के अनुसार ही अपनी यात्रा प्लान करें। फोटो और सेल्फी लेने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी-नालों में न जाएं। 



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