Uttarkashi Tunnel Collapse: मशीन में खराबी से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित, 72 घंटे से सुरंग में फंसे हैं मजदूर

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06:43 AM, 15-Nov-2023

मजदूरों की तबीयत बिगड़ी, दवाएं भेजीं गईं

सुरंग में फंसे मजदूरों की हालत अब बिगड़ने लगी है। उधर से कुछ लोगों में बुखार, बदन दर्द व घबराहट की बात बताए जाने पर अधिकारियों ने तुरंत दवाएं पाइप के जरिए भेजीं और एक पर्चे में उन्हें लेने की विधि पर लिखकर भेजी। इसके साथ उन्हें चना, बादाम इत्यादि भी पाइप से भेजा जा रहा है। हालांकि बाहर खड़े उनके साथियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वह हंगामा करने की बात करने लगे हैं।

06:42 AM, 15-Nov-2023

लगातार मलबा गिरने से नहीं मिली सफलता

गत रविवार सुबह साढ़े पांच बजे यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सुरंग में भारी भूस्खलन होने से निर्माण में लगे 40 मजदूर फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियां जुटी हुई हैं। सुरंग में पहले जेसीबी से मलबा हटाने का काम किया गया, लेकिन लगातार मलबा गिरने से सफलता नहीं मिली। तब ऑगर मशीन मंगवाने और आयरन पाइप डालकर रास्ता तैयार करने का निर्णय लिया गया। बचाव कार्य में लगे मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि बचाव अभियान जोरों पर चल रहा है। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।

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06:13 AM, 15-Nov-2023

Uttarkashi Tunnel Collapse: मशीन में खराबी से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित, 72 घंटे से सुरंग में फंसे हैं मजदूर

उत्तरकाशी यमुनोत्री हाईवे के पास निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए जारी राहत एवं बचाव कार्य का आज चौथा दिन है। मंगलवार को रात करीब 12 बजे मशीन से ड्रिलिंग का काम शुरू हुआ। इसके साथ ही श्रमिकों को बचाने की उम्मीद भी बढ़ चलीं।

सुरंग के अंदर मलबे में पहला पाइप डालने के लिए ड्रिलिंग शुरु हुई, लेकिन ऑगर ड्रिलिंग मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। जिसके बाद खराब मशीन को हटाकर नई ड्रिलिंग मशीन की स्थापना के लिए प्लेटफॉर्म लेवलिंग का काम शुरू किया गया।

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72 घंटे से सुरंग में फंसे मजदूर

सुरंग में फंसे मजदूरों को आज 72 घंटे से अधिक का समय हो चुका है। मशीन में खराबी से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि आज बुधवार को मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। इसके पूर्व मंगलवार को सुबह से लेकर रात तक कई बार उम्मीदें बंधती और बिगड़ती रहीं। हरिद्वार से आयरन पाइप और देहरादून से ड्रिलिंग के लिए ऑगर मशीन पहुंचने के बाद दोपहर को प्लेटफार्म तैयार करने का काम शुरू हुआ। इस दौरान मलबा गिरने से कुछ समय तक कार्य बाधित रहा। रात करीब नौ बजे जब सुरंग में ड्रिलिंग शुरू हुई तो फिर मलबा गिरने लगा। जिससे उस स्थान को शॉटक्रिटिंग कर सीमेंट का छिड़काव किया गया। उसके सेट होने पर रात करीब 12 बजे फिर ड्रिलिंग शुरू हुई। इसके पूर्व पूजा भी की गई।

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