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आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र के दौरेठा से अगवा ढाई साल के मयंक को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। मासूम मथुरा के वृंदावन में मिला। बुधवार देर रात ही पुलिस की टीम उसे आगरा ले आई। पुलिस को सोशल मीडिया की मदद से अपहरण के आरोपी का सुराग मिला था। इस पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। बताया जाता है कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बच्चे को अगवा करने की बात कबूल की है। इसके बाद मयंक की बरादमगी कर ली गई। मासूम मयंक के मिलने के बाद जयप्रकाश के घर में खुशियां लौट आई हैं।
आजमपाड़ा के सत्यम नगर निवासी जयप्रकाश परचून का व्यापार करते हैं। मंगलवार दोपहर को वह अपनी मां कांता देवी, पत्नी मिथिलेश, ढाई साल के बेटे मयंक व चार साल के निशांत के साथ अपनी ननिहाल दौरेठा नंबर दो आए थे। शाम को कांता देवी घर के दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान मयंक घर के बाहर आकर दरवाजे के पास ही खेलने लगा। कुछ देर बाद वह लापता हो गया।
शाम तकरीबन छह बजे मयंक को घर में नहीं देखा तो उसकी तलाश की गई। मिथिलेश और कांता देवी ने आसपास की पूरी गलियां छान मारीं। आजमपाड़ा की मस्जिद से एलान भी करवाया, लेकिन मयंक कहीं नहीं मिला। पिता जयप्रकाश समेत परिवार के अन्य लोग भी तलाश में जुट गए। उन्होंने मोहल्ले के सीसीटीवी की फुटेज देखना शुरू किया। एक फुटेज में एक युवक मयंक को गोद में लेकर जाता दिखाई दिया।
पिता ने बेटे के अपहरण की जानकारी थाना शाहगंज में दी। पुलिस और परिजन ने मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली खंगाली। एक फुटेज में एक युवक बालक को अपने साथ लेकर जाता नजर आ रहा है। इस पर पुलिस ने दौरेठा से पृथ्वीनाथ फाटक तक लगे सारे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। एक जगह पर मयंक के रोने पर युवक एक दुकान से चाकलेट दिलाता है। कुछ दूर जाकर केला भी खाने के लिए दिया।
पुलिस ने पृथ्वीनाथ फाटक से जाने वाले सभी मार्गों पर लगे कैमरे चेक किए। पुलिस चौकी से भोगीपुरा की ओर आने वाले मार्ग पर अपहरणकर्ता ई-रिक्शा में मयंक को लेकर जाता नजर आया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें मयंक की तलाश में जुटी थीं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध के फोटो जारी किए। बुधवार को मयंक के परिजनों के पास किसी ने फोन किया और युवक के बारे में जानकारी दी।
परिजन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को आजमपाड़ा से पकड़ लिया। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध से उसके चेहरे का मिलान किया, जिससे तस्वीर साफ हो गई। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने मासूम के अपहरण की बात स्वीकार कर ली। पुलिस को बताया कि वह बच्चे को वृंदावन में एक मकान में छोड़ आया है। पुलिस ने तत्परता देखते हुए रात में ही बालक को बरामद कर लिया और आगरा ले आई।
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