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सीबीआई
– फोटो : फाइल
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अधिकारियाों ने बुधवार को जानकारी दी कि सीबीआई ने दिल्ली के एक न्यास की चंडीगढ़ के नजदीक जीरकपुर में स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को कब्जाने की कोशिश के मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की हैं।
पिछले साल जीरकपुर पुलिस ने दर्ज मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अक्तूबर में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। दरियागंज स्थित गुरु नानक विद्या भंडार ट्रस्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आरोप था कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी ट्रस्ट बनाया। व्यक्तियों ने वीआईपी रोड पर आठ एकड़ भूमि पार्सल पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया था।
स्थानीय पुलिस ने पहले क्लीन चिट दी और फिर स्थानीय अदालत में चालान दायर किया। उच्च न्यायालय ने इसे पूरी तरह से कलाबाजी करार दिया और कहा कि जांच एजेंसी (स्थानीय पुलिस) का बदलता रुख उसके द्वारा सुने गए मामले में अच्छा संकेत नहीं है। यह कहते हुए कि मामला खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। उच्च न्यायालय ने कहा कि कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए वर्तमान मामले में विस्तृत जांच की आवश्यकता है, ताकि सिस्टम में वादियों का विश्वास खत्म न हो।
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