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श्रीनगर में बैठक के दौरान एलजी मनोज सिन्हा
– फोटो : संवाद
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जम्मू-कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए गए हैं। अब पंचायती राज संस्थान (ग्राम पंचायत, ब्लाक समिति और जिला परिषद शामिल) अपने स्त्रोतों से एक लाख से लेकर एक करोड़ तक के विकास कार्य करवा सकते हैं।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने बुधवार को इसकी मंजूरी दी है। प्रशासनिक परिषद के फैसले के अनुसार ग्राम पंचायतें अब एक से पांच लाख तक, ब्लॉक समितियां पांच से 20 लाख तक और जिला परिषद एक करोड़ तक के विकास कार्यों को मंजूरी दे सकेंगे।
ये काम ई- टेंडरिंग के माध्यम से विकास कार्य करवाएं जाएंगे। जिनकी प्रशासनिक मंजूरी पंचायती राज संस्थान देंगे। इस फैसले के बाद पंचायती राज संस्थान अपने संबंधित क्षेत्रों में विकास करवाने के लिए स्वयं प्राथमिकता निर्धारित कर सकेंगे।
पंचायतों के अपने स्त्रोतों से विकास कार्यों को समय पर पूरा करवाने में सक्षम हो सकेंगे। प्रदेश में 4129 पंचायतें, 257 ब्लॉक समितिया और बीस जिला विकास परिषद हैं।
अपने वित्तीय स्रोत नहीं
जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज संस्थानों को अपने स्त्रोतों से वित्त अधिकार देने का फैसला अगले दस सालों के लिए है। वर्तमान में प्रदेश में पंचायती राज संस्थानों के पास अपने वित्त स्त्रोत नहीं हैं। पंचायत अपने वित्त स्त्रोत तैयार करने के बाद ही विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी देने लायक हो पाएगी। -अनिल शर्मा, अध्यक्ष आल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस , जम्मू कश्मीर
पूंजीगत बजट से होते थे काम
जिला विकास परिषदों को अभी तक पूंजीगत बजट से ही विकास कार्य करवाने होते थे। परिषदों के पास प्रशासनिक मंजूरी देने का कोई अधिकार नहीं था। अगर प्रशासनिक परिषद ने पंचायती राज संस्थानों को विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी देने का फैसला लिया हैं तो यह स्वागत योग्य है। -भारत भूषण, चेयरमैन जिला विकास परिषद, जम्मू
4630 एफपीएस डीलरों के लिए अग्रिम भुगतान की मंजूरी
जम्मू। प्रशासनिक परिषद ने एक महत्वपूर्ण फैसले में जम्मू -कश्मीर के 4630 एफपीएस (फेयर प्राइज शाप) डीलरों के लिए अग्रिम भुगतान को मंजूरी दी गई है। इसमें प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान 329505998 (रुपये180/क्विंटल) का प्रावधान रखा गया है। इसमें शर्त यह है कि भारत सरकार से धन प्राप्त होने पर ही इसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद की बैठक में दी गई मंजूरी के अनुसार,एनएफएसए योजना के तहत मासिक आधार पर एफपीएस डीलर मार्जिन के कारण 75 प्रतिशत केंद्रीय हिस्से के अग्रिम भुगतान को मंजूरी दी है।
एनएफएसए के तहत भारत सरकार के फंड का प्रवाह नियमित नहीं है और उचित मूल्य दुकान डीलरों को रुपये 180/क्विंटल की दर से कमीशन के भुगतान के लिए एफपीएस डीलरों की लगातार मांग थी। ब्यूरो
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