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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में पहली बार जियोथर्मल तकनीक से कोल्ड स्टोर बनेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किन्नौर जिले के टापरी, रिब्बा और समदो में कोल्ड स्टोर स्थापित होंगे। आइसलैंड सरकार प्रोजेक्ट में सहयोग देगी। प्रदेश सरकार को इसको लेकर आइसलैंड सरकार की ओर से प्रस्ताव मिला है। शनिवार को आइसलैंड के राजदूत के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे।
हिमाचल में सरकारी और निजी क्षेत्र के कोल्ड स्टोरों में कुल उत्पादन के महज 10 फीसदी सेब का भंडारण होता है। सेब सीजन में करीब 50 हजार मीट्रिक टन सेब ही कोल्ड स्टोर में रखा जाता है। सीजन में भारी मात्रा में सेब मंडियों में पहुंचने से दाम में गिरावट आ जाती है।
सस्ती दरों पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कोल्ड स्टोर की सुविधा उपलब्ध होने पर बागवान अपना सेब कोल्ड स्टोर में रख सकेंगे और मार्केट में सुधार आने के बाद फसल बेच सकते हैं। प्रदेश में अधिकांश बागवानों को सेब के भंडारण की सुविधा नहीं मिल पाती।
कुछ बागवान बाहरी राज्यों के कोल्ड स्टोर में सेब रखते हैं जहां सेब रखने का खर्चा 35 से 45 रुपये प्रति माह प्रति पेटी आता है। किन्नौर में जियो थर्मल तकनीक से कोल्ड स्टोर स्थापित होने से बागवानों को सस्ती दरों पर सेब भंडारण की सुविधा मिलेगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कंपनी अपने खर्चे पर कोल्ड स्टोर तैयार करेगी, जिसकी क्षमता 25 हजार से एक लाख पेटी तक हो सकती है। शनिवार को इसे लेकर सीएम एमओयू साइन करेंगे। – जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
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