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गर्भाशय
– फोटो : सोशल मीडिया
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सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस पर एम्स में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें विशेषज्ञों ने महिलाओं को समय-समय पर स्क्रीनिंग करवाने की सलाह दी। कहा कि जनजागरूकता से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
एम्स के प्रसूती एवं स्त्री रोग विभाग और नर्सिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सर्वाइकल कैंसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि गर्भाशय कैंसर के उन्मूलन के लिए समाज की प्रत्येक महिला को जागरूक होना पड़ेगा। जनजागरूकता के माध्यम से इससे निदान किया जा सकता है।
प्रत्येक महिला को जागरूक करना होगा
डाॅ. मीनू सिंह ने कहा कि घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने के कारण महिलाएं आमतौर पर अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतती हैं, जो भविष्य में नुकसान देती हैं। यदि वो प्रत्येक वर्ष सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए स्क्रीनिंग करवाने का नियम बना लें तो वह बीमारी से बच सकती हैं।डीन एकेडेमिक और गायनी विभाग की हेड प्रो. जया चतुर्वेदी ने एम्स की ओर से संचालित स्क्रीनिंग कार्यक्रम की जानकारी दी।
प्रो. जया ने बताया कि एम्स में इस बीमारी के उपचार के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आरबी कालिया ने कहा कि इस बीमारी के उन्मूलन के लिए हम सभी को योजनाबद्ध तरीके से समाज की प्रत्येक महिला को जागरूक करना होगा। इस दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स और रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।
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