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सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला
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नायब तहसीलदार पर दुष्कर्म का प्रयास और हत्या की कोशिश का मामला उलझ गया है। महिला अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी में दिलचस्पी न दिखाना सवाल खड़ा कर रहा है। इन सबके बीच घटनाक्रम में तीसरे शख्स की मौजूदगी को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। प्रशासन मानकर चल रहा है कि केस में अन्य पहलू हैं, जो अभी सामने नहीं आए हैं। इसके लिए जांच कराई जा रही है।
एसडीएम सदर गुलाबचंद्र ने भी बताया कि मामला त्रिकोणीय लग रहा है, लेकिन ज्यादा कुछ बताने के बजाय वह पुलिस की जांच रिपोर्ट सामने आने की बात कहकर टाल गए। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि सीओ के नेतृत्व में गठित टीम की रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसमें सभी पक्षों के बयान पूरे नहीं हो पाए हैं।
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उधर, विभागीय चर्चाओं के मुताबिक बलरामपुर जिले में तैनाती के दौरान उतरौला का रहने वाला एक व्यक्ति महिला अधिकारी के संपर्क आया था। बतौर प्राइवेट कर्मचारी वह तहसील में काम करता था। बस्ती जिले में तबादले के बाद भी महिला अफसर के संपर्क में रहा। बताया जाता है कि वह दिवाली की रात घटना के समय मौजूद था। उसने जब महिला अधिकारी के मोबाइल फोन पर आरोपी नायब तहसीलदार के बीच हुए व्हाट्स एप चैट को देखा तो भड़क गया।
इसके बाद उसने महिला अधिकारी के मोबाइल फोन से संबंधित अधिकारी को कॉल कर अभद्रता की। बातचीत इतनी आगे बढ़ गई कि आरोपी अफसर भी तैश में आकर महिला अधिकारी के घर में घुस गए। इसी के बाद मारपीट व अन्य घटनाएं हुईं। हालांकि, प्रशासनिक अमला अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। मगर, पुलिस इन बिंदुओं पर गोपनीय ढंग से छानबीन कर रही है।
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