आगरा का लाल शहीद: जन्मदिन पर भाइयों ने गाया था तुम जियो हजारों साल… कंधों पर उठाकर मनाया जश्न, अब रुलाया

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son of Agra was martyred in an encounter with terrorists in Rajouri Jammu

जन्मदिन पर भाइयों ने कंधों पर उठाकर मनाया जश्न, अब रुला गया शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता
– फोटो : अमर उजाला

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तुम जैसा साहसी कोई नहीं है…। जिस पर ये नजर लग जाए। बेमिसाल जो कहलाए। तुम जियो हजारों साल, ये मेरी है आरजू, हैप्पी बर्थडे टू यू, हैप्पी बर्थडे टू यू…। शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता का जन्मदिन पिछले साल 9 अक्तूबर को परिवार के लोगों ने इसी गीत के साथ मनाया था। भाइयों ने उन्हें कंधे पर उठा लिया था। शुभम की भी खुशी का ठिकाना नहीं था। मगर, वह इस बार जन्मदिन पर तो वो नहीं आ पाए, लेकिन उनके शहीद होने की खबर आई तो सभी रो पड़े। जिसने भी यह खबर सुनी, शोक में डूब गया।

शहीद के भाई नितिन गुप्ता ने बताया कि भाई शुभम ने नौ अक्तूबर 2022 को अपना 26वां जन्मदिन छुट्टी पर घर आकर मनाया था। इस दौरान परिवार के सभी लोग आए थे। शुभम काफी खुश थे। इस बार जन्मदिन पर वो नहीं आ सके। उन्हें सभी ने फोन पर ही बधाई दी थी। वह जल्द ही छुट्टी पर आने की कह रहे थे। इससे पहले ही उनके शहीद होने की खबर आई।

पहले ही प्रयास में हुए भर्ती

परिवार के लोगों ने बताया कि शुभम काफी होनहार थे। 10वीं की परीक्षा पास करते ही सेना में भर्ती की तैयारी में लग गए थे। अपने स्कूल में टॉपर रहे थे। यही वजह थी कि पहले ही प्रयास में वह चयनित हो गए।

ताऊ से प्रेरणा लेकर सेना में हुए थे भर्ती

भाई नितिन ने बताया कि ताऊ तोताराम गुप्ता सेना की मेडिकल कोर में तैनात थे। उनकी मृत्यु हो चुकी है। ताऊ से प्रेरणा लेकर शुभम सेना में भर्ती हुए थे। नितिन के पिता केके गुप्ता सीओडी से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका परिवार चाचा बसंत गुप्ता के साथ ही रहता है। वहीं चाचा माता प्रसाद गुप्ता यूपी पुलिस में निरीक्षक हैं। वह गाजियाबाद में तैनात हैं। उनके अलावा सबसे छोटे चाचा दिलीप गुप्ता भी सीओडी मेंं हैं। केके गुप्ता और बसंत गुप्ता का परिवार एक साथ ही रहता है।

ऊधमपुर में मिली पहली पोस्टिंग

सेना की सेवा में जाने की चाहत लिए शुभम ने सेंट जॉर्जेस इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और फिर देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी में वर्ष 2015 में प्रवेश लिया था। साल 2018 में उन्हें सेना में कमीशन मिला। बेहद जांबाज और निडर शुभम ने स्पेशल फोर्सेज की कठिन ट्रेनिंग की और सेना में कई ऑपरेशनों को अंजाम दिया। 

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उनकी पहली पोस्टिंग ऊधमपुर में थी। शुभम के शहीद होने की खबर मिलने के बाद आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे समेत संस्थाओं से जुड़े लोग बसंत गुप्ता के घर ढांढस बंधाने के लिए पहुंच गए। 

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