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बलिदानी सचिन लौर
– फोटो : फाइल फोटो
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राजौरी जिले में 22 नवंबर को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले गांव नगरिया गौरौला निवासी 24 वर्षीय पैराट्रूपर सचिन लौर की आठ दिसंबर को शादी होने वाली थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। उनके बलिदान की सूचना से घर और गांव में गम का माहौल है।
सचिन गांव नगरिया गौरौला निवासी किसान रमेश के पुत्र थे और वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुए थे। फिलहाल वह घाटी में भारतीय सेना की विशेष यूनिट नौ में पैरा ट्रूपर के पद पर तैनात थे। सचिन की शादी मथुरा के गांव जैतई में तय हुई थी और आठ दिसंबर को बरात जानी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। दीपावली पर वीडियो कॉल के जरिये सचिन ने दीपावली पर माता-पिता से बात की थी और कुछ दिन बाद छुट्टी लेकर घर आने वाले थे।

इससे पहले ही 23 नवंबर सुबह परिजनों की इस अनहोनी की जानकारी मिली। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वह कुछ दिन बाद ही छुट्टी लेकर गांव आने वाले थे। मां बाप बेटे का सेहरा सजाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही उसके बलिदान होने की खबर आ गई। दिवाली पर सचिन ने वीडियो कॉल के जरिये मां, परिजनों व दोस्तों से बात की थी। सचिन के घर में इस शादी को लेकर उत्साह था। परिवार में पिता रमेश के अलावा मां भगवती, भाई विवेक लौर है। विवेक नेवी में है और इस समय कोच्ची में तैनात है। उनके एक बेटा है। पत्नी और बेटा गांव में रहते हैं। भाई भी सचिन की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर आने वाले थे। एक बहन सावित्री की शादी हो चुकी है।

24 नवबंर को गांव में पहुंचेगा शव, सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
पैरा ट्रूपर सचिन लौर का शव शुक्रवार को गांव में पहुंचेगा और उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। सचिन के बलिदान की सूचना मिलते ही सांसद सतीश गौतम, राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान व जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला प्रधान गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधवाया। 24 नवंबर को टप्पल इंटरचेंज से बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गांव के युवा बलिदानी सचिन के शव को तिरंगा यात्रा के साथ गांव लेकर पहुंचेंगे।
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