दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शुमार बनारस की हवा तेजी से बदल रही है। दो साल पहले जहां बनारस की हवा में पीएम 10 और पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 350 के ऊपर हुआ करती थी, वहीं अब यह आंकड़ा 250 से नीचे पहुंच गया है। पिछले साल नवंबर महीने में शहर की हवा रेड जोन और ऑरेंज जोन में थी वहीं इस बार यह येलो जोन और ग्रीन जोन के बीच बनी हुई है। केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल समीर पर प्रदर्शित एक्यूआइ कैलेंडर को देखें तो मई में बनारस ग्रीन जोन, जून में ग्रीन व येलो, जुलाई, अगस्त, सितंबर तक लगातार ग्रीन जोन में बना हुआ था। इनमें बहुत से दिन ऐसे भी थे जब एक्यूआइ 50 से भी कम दर्ज किया गया। दीपावली के आसपास हवा में प्रदूषण बढ़ा था, लेकिन फिर स्थितियां सामान्य हो गईं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 131 शहरों को शामिल किया गया है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की संयुक्त पहल से हवा में धूल कणों की संख्या लगातार कम हो रही है। हवा में पीएम 10 की मात्रा में 10-15 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि शहर की हवा को सुधारने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। इसके तहत मिस्ट गन व स्प्रिंक्लर से नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाता है।
ऐसे हुआ बदलाव
सड़कों का निर्माण, पटरी व नाली के बीच के गैप को इंटरलाकिंग से भरा गया
शहर में निर्माण के दौरान धूल कणों की मात्रा कम करने का ख्याल रखा गया।
सड़क पर गिट्टी-बालू बेचने वालों को नोटिस जारी करके जुर्माना भी लगाया
निर्माण स्थल पर हरा पर्दा लगाकर कार्य करने का निर्देश
शहर में इलेक्ट्रानिक और सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ने से धूल, धुएं की मात्रा कम हुई है।
नई बनी सड़कें व फ्लाईओवर के चालू होने से हवा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
नवंबर 2022 बीएचयू नौ दिन येलो जोन, 15 दिन ग्रीन जोन, एक्यूआई औसत 102
मलदहिया 19 दिन येलो जोन, पांच दिन ग्रीन जोन, एक्यूआई औसत 135
भेलूपुर 16 दिन येलो जोन, तीन दिन ग्रीन जोन, एक्यूआई औसत 140
अर्दली बाजार 15 दिन ग्रीन जोन, नौ दिन येलो जोन, एक्यूआई औसत 103
नवंबर 2021 अर्दली बाजार तीन दिन रेड जोन, नौ दिन येलो जोन और 17 दिन तक ऑरेंज जोन, एक्यूआई औसत 250
भेलूपुर तीन दिन रेड जोन, 11 दिन येलो, 16 दिन तक ऑरेंज जोन, एक्यूआई औसत 235
मलदहिया छह दिन रेड जोन, पांच दिन येलो,16 दिन ऑरेंज जोन, एक्यूआई औसत 260
बीएचयू दो दिन रेड जोन, 11 दिन येलो जोन, 15 दिन ऑरेंज जोन, एक्यूआई औसत 230
विस्तार
दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शुमार बनारस की हवा तेजी से बदल रही है। दो साल पहले जहां बनारस की हवा में पीएम 10 और पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 350 के ऊपर हुआ करती थी, वहीं अब यह आंकड़ा 250 से नीचे पहुंच गया है। पिछले साल नवंबर महीने में शहर की हवा रेड जोन और ऑरेंज जोन में थी वहीं इस बार यह येलो जोन और ग्रीन जोन के बीच बनी हुई है।
केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल समीर पर प्रदर्शित एक्यूआइ कैलेंडर को देखें तो मई में बनारस ग्रीन जोन, जून में ग्रीन व येलो, जुलाई, अगस्त, सितंबर तक लगातार ग्रीन जोन में बना हुआ था। इनमें बहुत से दिन ऐसे भी थे जब एक्यूआइ 50 से भी कम दर्ज किया गया। दीपावली के आसपास हवा में प्रदूषण बढ़ा था, लेकिन फिर स्थितियां सामान्य हो गईं।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 131 शहरों को शामिल किया गया है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की संयुक्त पहल से हवा में धूल कणों की संख्या लगातार कम हो रही है। हवा में पीएम 10 की मात्रा में 10-15 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि शहर की हवा को सुधारने के लिए लगातार प्रयास चल रहा है। इसके तहत मिस्ट गन व स्प्रिंक्लर से नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाता है।