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वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए जाती मशीन
– फोटो : अमर उजाला
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सिलक्यारा सुरंग के ऊपर से हो रही वर्टिकल ड्रिलिंग में लोहे के गार्टर को भेदना आसान नहीं होगा। रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने भी इसे बड़ी चुनौती बताया है। हालांकि, उनका कहना है कि गार्टर को काटने का कोई न कोई उपाय जरूर निकाल लेंगे।
दरअसल, सिलक्यारा सुरंग में जहां भूस्खलन हुआ बस वही एक मात्र हिस्सा था, जिसमें लोहे के गाटर नहीं लगे थे। यहां उपचार का काम किया जा रहा था कि वहां भूस्खलन हुआ और उसका मलबा करीब 60 से 70 मीटर के दायरे में फैल गया। इसके आगे सुरंग में लाइनिंग के साथ लोहे के गार्टर लगाए गए हैं।
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