अमर उजाला फाउंडेशन: एग्जिस्टिंग डाटा से तैयार होता है डीपफेक, सोशल मीडिया पर शेयर न करें निजी जानकारी

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SSP Ghule Sushil Chandrabhan made students aware in Police Ki Pathshala

एसएसपी ने विद्यार्थियों से किया संवाद
– फोटो : अमर उजाला

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एक दौर था जब चोर घरों के आस-पास की स्थितियों, सूखी नाली या गंदगी से यह अंदाजा लगाते थे कि घर में कोई नहीं है आज आप खुद अपराधियों को मौका देते हैं। यह बातें एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बीबीएल पीलीभीत रोड में विद्यार्थियों से कहीं। डीपफेक पर चिंता जताते हुए बताया कि डीपफेक एग्जिस्टिंग डाटा से तैयार होता है। आप जो डाटा सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं वहीं से अपराधी उसका दुरूपयोग कर रहे हैं।

लोगों में आम प्रवृत्ति बन रही है कि हर छोटी बड़ी चीज को सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे हैं। अनावश्यक तस्वीरें साझा कर रहे हैं। यह सब आपको बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। तकनीकी का महज चार फीसदी हिस्सा सदुपयोग किया जा रहा है, बाकी की 96 फीसदी डार्कवेब के जरिए अपराधियों की पनाहगाह बना हुआ है। ऐसे में आप उसे सुरक्षित कैसे मान सकते हैं।

बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसएसपी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। सोशल मीडिया के प्रयोग के दौरान सतर्कता से जुड़े अहम पहलूओं के बारे में बताया। हेल्प लाइन नंबरों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, और पुलिसिंग से जुड़े मामलों पर सवाल जवाब किए।

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