[ad_1]

डीजीपी अशोक कुमार
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डीजीपी अशोक कुमार अपने तीन साल के कार्यकाल में पुलिस के लिए कई तरह के काम कर गए हैं। लेकिन, आने वाले नए डीजीपी अभिनव कुमार के सामने भी कई चुनौतियां होंगी। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले मीडिया से रूबरू हुए डीजीपी अशोक कुमार ने ट्रैफिक, ड्रग्स और साइबर क्राइम को आने वाले समय के लिए बड़ी चुनौती बताया।
उन्होंने इस दौरान अपने 34 वर्ष के सेवाकाल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग का लक्ष्य लेकर चले थे, जिसमें काफी हद तक सफल रहे हैं। पुलिस पीड़ितों के लिए संवेदनशील रही और अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया।
दरअसल, डीजीपी अशोक कुमार के तीन साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी चुनौती रही यहां फोर्स की कमी और लंबे समय से भर्तियां न होना। लेकिन, चार्ज लेते ही सबसे पहले उन्होंने इन भर्तियों को कराने की कवायद शुरू की। कोरोनाकाल चल रहा था। तमाम तरह की बाधाएं और बंदिशें आईं। लेकिन, आखिरकार कांस्टेबल भर्ती और रैंकर्स परीक्षा कराने में सफलता हाथ लगी।
[ad_2]
Source link