[ad_1]

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले बजट में एड्स पीड़ित बच्चों की मदद के लिए योजना लेकर आएगी। इसमें ऐसे बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि पहले समाज में एड्स ग्रसित व्यक्ति को घृणा की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के कारण आज समाज के दृष्टिकोण में बदलाव आया है। उन्होंने आह्वान किया कि बीमार अपनी बीमारी न छुपाएं, बल्कि समाज के सामने स्वीकार करें। सीएम ने यह बात शुक्रवार को पीटरहॉफ में विश्व एड्स दिवस पर ‘लेट कम्यूनिटीज लीड’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में सरकार विधवाओं और मूक-बधिर बच्चों के लिए भी एक योजना लाने जा रही है। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए एक अच्छा स्कूल और कॉलेज खोलने पर भी सरकार विचार कर रही है।
पहली कक्षा से अंग्रेजी की कक्षाएं शुरू करेंगे
राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार लाने जा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी में पढ़ाई शुरू करेंगे। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार स्कूलों में गेस्ट फेकल्टी लेक्चर लगाने पर विचार कर रही है। इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नए समय से कोर्स शुरू किए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि सीमित संसाधनों और कर्ज का भारी बोझ होने के बावजूद राज्य सरकार चार साल में हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगी।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव करने जा रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें। सुक्खू ने कहा कि सीमित संसाधनों और कर्ज का भारी बोझ होने के बावजूद राज्य सरकार चार साल में हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगी और 10 वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए कड़े फैसले कर रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे।
सब कहते थे सरकारी नौकरी करो, कड़ी मेहनत से बना मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों को रहने और उनके पालन पोषण के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने कानून भी बना दिया है। सुक्खू ने कहा-मैं आपके सामने सबसे बड़ा उदाहरण हूं। सब कहते थे कि सरकारी नौकरी करो, लेकिन कड़ी मेहनत से मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा।
[ad_2]
Source link