Delhi : ग्रीन कैंपस पर मिलेगी संपत्तिकर में 5% की छूट, 10 एकड़ से अधिक के शैक्षणिक संस्थानों के लिए नया नियम

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Delhi: 5% rebate in property tax on green campus

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– फोटो : AmarUjala

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शैक्षिक संस्थानों को ग्रीन कैंपस होने पर संपत्तिकर में पांच फीसदी छूट मिलेगी। बशर्ते परिसर का क्षेत्रफल 10 एकड़ से अधिक हो और परिसर में 100 फीसदी कचरे का पृथक्करण और पुनरचक्रण की व्यवस्था की गई हो, साथ ही यहां 100 फीसदी गीले कचरे से कंपोस्टिंग भी होती हो।

कचरे के पुनरचक्रण और कंपोस्टिंग प्रबंधन को प्रोत्साहन देने के लिहाज से एमसीडी ने ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे न केवल शैक्षिक परिसर के भीतर साफ सुथरा वातावरण बनेगा। बल्कि परिसर के बाहर भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी। ग्रीन कैंपस होने पर इसके आस पास से कचरे की ढुलाई में लगने वाले मानवीय और मशीनरी वाले संसाधन की बचत होगी। लैंडफिल साइटों पर कचरे का बोझ भी कम होगा। निगम ने सदन की बैठक में इसके लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया है।

संपत्तिकर में छूट का लाभ लेने के लिए शैक्षिक संस्थानों को परिसर के भीतर उत्पन्न होने वाले अपने 100 फीसदी सूखे कचरे का पुनरचक्रण करना होगा। सभी गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार करनी होगी। इसके बाद भी यदि सूखा कचरा बच जाए तो इसे एमसीडी को देना होगा। इन शर्तों को पूरा करने पर ही संस्थान को संपत्तिकर में पांच फीसदी की छूट मिलेगी। छूट की रकम से संस्थान कोई भी विकास कार्य करा सकता है, इसके लिए संस्थान 30 दिन के भीतर निगम को अपना सुझाव दे सकता है। 

  • दिल्ली की 350 से ज्यादा कॉलोनियों को निगम ने अबतक जीरो वेस्ट घोषित किया है, जहां 100% कचरे का पृथक्करण और पुनरचक्रण हो रहा। इन कॉलोनियों में गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार हो रही। इन्हें संपत्तिकर में एकमुश्त 5% की छूट दी जा रही है। अब इन कॉलोनियों में संपत्तिकर के छूट की राशि से निगम विकास कार्य कराएगा।

दिल्ली की ऐसी सोसाइटियां और आरडब्ल्यूए जहां 90% लोगों ने संपत्तिकर का भुगतान कर दिया हो, इनके लिए संपत्तिकर में 10% की छूट का विधान है और यदि सोसाइटी में 100% कचरे का पृथक्करण व पुनरचक्रण हो रहा हो, तो इन्हें संपत्तिकर में 5% अतिरिक्त छूट देने का नियम है। लेकिन अबतक संपत्तिकर में छूट की रकम रिफंड करने का नियम था, निगम ने इसे बदल दिया है। अब छूट की कुल रकम रिफंड नहीं कर, निगम इससे सोसाइटी में विकास कार्य कराएगा। 

एक महीने में कॉलोनियां बनीं जीरो वेस्ट

दिल्ली की ऐसी कई कॉलोनियां हैं, जहां आरडब्ल्यूए ने तय किया कि वे 100 फीसदी कचरे का समाधान खुद करेंगे। सम्राट कॉपरेटिव सोसाइटी मयूर विहार फेज तीन के नागरिकों ने इस साल 15 अप्रैल से इस पर काम शुरू किया और 30 मई को कॉलोनी जीरो वेस्ट घोषित हो गई। पूर्वी दिल्ली में वसुंधरा एनक्लेव में सीजीएचएस व इंस्टीट्यूट के सामूहिक संगठन ने आपसी सहयोग से 33 सोसाइटियों को जीरो वेस्ट बनाया।

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